अब तैयारी कीजिए उत्तराखंडी परिधानों के फैशन शो की

DSC_3062उत्तराखंड की संस्कृति खासकर पहनावे को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार फैशन का आयोजन करेगी। संस्कृति विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के पहाडी क्षेत्रों के पहनावा को फैशन शो में माध्यम से संकलित कर एक मंच प्रदान करने की दिशा नें कदम उठाएं जाएं। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्राचीन शैली आधुनिक समय की रफ्तार से विलुप्त होती जा रही है। जिसको संकलित एवं संरक्षित किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की पंजाब, हिमाचल प्रदेश जैसी पगड़ी टोपी होनी चाहिए, लेकिन वे कण्डाली, भांग, बिमल आदि के रेशे से बनी टोपी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राचीन बावन गढों की शैली सभ्यता के निर्माणिक भवनों को संकलित कर चयन के तहत संग्रालय में प्रदर्शित किया जायेगा। जिससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी इसको जानने का मौका मिलेगा। जिससे पर्यटक को जानकारी हो हो जायेगा कि यह शैली भी पहाडों में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि पहाडों की संस्कृति को संजोये रखने हेतु राज्य सरकार हर स्तर पर कार्य कर रही है। साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के राज्य गीत पर कहा कि यह बहुत हर्ष की बात है कि अब हमे अपना राज्य गीत मिल चुका है। इस राज्य गीत में पूरे प्रदेश कि संस्कृति, इतिहास, भूगोल व हमारी पहचान का समावेश किया गया है। इसमें हमारी भाषाओं का आदर करते हुए उत्तराखण्डी भावना को लिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य गीत का संक्षिप्त रूप भी तैयार करने को कहा, ताकि औपचारिक समारोही में गीत की प्रस्तुति की जा सके। परंतु इससे गीत की मूल भावना प्रभावित न हो।