मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50% आरक्षण देने की तैयारी

WOMENमोदी सरकार संसद के आगामी बजट सत्र में पंचायतों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के बारे में संशोधन लाएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि यद्यपि कुछ राज्‍य पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रहे हैं, लेकिन संविधान में संशोधन के बाद इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा। बीरेन्द्र सिंह ने आशा व्‍यक्त की कि सभी राजनैतिक दल इस संशोधन का समर्थन करेंगे। उन्होने कहा कि इससे कानून में बदलाव भी होगा, जिसके तहत मौजूदा एकल कार्यकाल के बदले 5 सालों के दो कार्यकालों के संबंध में महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे ताकि वे विकास गतिविधियों की निरंतरता बनाए रख सकें।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 1995 में प्रदत्‍त भूरिया समिति के रिपोर्ट के आधार पर पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों का विसतार) अधिनियम 1996 में लागू किया गया था। साथ ही कहा कि जनजातियों के विकास के लिए सभी राज्‍य अधिनियम को लागू करें क्‍योंकि जनजातियां विकास के लिए अब और इंतजार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जनजातियां 65 वर्षों से विकास का इंतजार कर रही हैं। साथ ही कहा कि यदि अधिनियम को प्रभावशाली तरीके से लागू किया जाए तो इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी क्‍योंकि ऐसी स्‍थिति में जनजातीय आबादी ग्राम पंचायत स्‍तर की अपेक्षाकृत गांव स्‍तर पर छोटी ग्राम सभाओं में अपने मुद्दे आसानी से उठा सकेंगी। केन्द्रीय मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने ‘पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) अधिनियम के कार्यान्‍वयन: विषय और दिशा’ संबंधी एक राष्‍ट्रीय कार्यशाला में ये बात कही। गौरतलब है कि इस कार्यशाला में 10 राज्‍यों के पंचायती राज्‍य एवं जनजातीय विकास मंत्री हिस्‍सा ले रहे हैं। दो दिवसीय कार्यशाला में अधिनियम संबंधी नियमों, राज्‍य पंचायती राज अधिनियमों के प्रावधानों के अनुपालन, संबंधित कानूनों, ग्राम सभा अधिकारिता, क्षमता निर्माण रणनीतियों, ग्राम पंचायतों की संरचनाओं आदि पर चर्चा की जाएगी।