रोडवेज के उड़े होश, 23 बीघा जमीन पर बन गई कालोनी

1981

रामनगर (उत्तराखंड पोस्ट) रोडवेज की 23 बीघा जमीन है, जिसमें आलीशान कॉलोनी बन गई और रोडवेज को पता तक नहीं चला। बता दें कि यह जमीन गूलरघट्टी में है।
इस पर जब आरटीआई लगी तो मामले का खुलासा 2013 में हो गया, लेकिन तब से लेकर मामला ठंडे बस्ते में है। आरटीआई कार्यकर्ता ने फिर से जवाब मांगा तो रोडवेज का अमला गूलरघट्टी क्षेत्र में सर्वे करने पहुंच गया।

बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1992 में रोडवेज बस अड्डे के लिए गूलरघट्टी में 1.290 और 0.964 हेक्टेयर यानी 23 बीघा जमीन दी गई थी। खसरा खतौनी में यह जमीन रोडवेज बस अड्डे के नाम पर दर्ज है।

1992 में मिली इस जमीन को रोडवेज भूल गया और यहां पर अतिक्रमण होने लगा। धीरे-धीरे यहां पर कॉलोनी बस गई और रोडवेज को भनक तक नहीं लगी।