दिल्ली अग्निकांड | आग से नहीं, इस वजह से गई ज्यादातर लोगों की जान, मालिक गिरफ्तार

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) दिल्ली के रानी झांसी रोड पर हुए अग्निकांड में 43 लोगों की जान चली गई। वहीं दमकल विभाग की टीम ने कोई लोगों को नई जिंदगी दी। इस भयावह अग्निकांड में ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है। कुल 43 मृतकों में 34 की मौत लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) और 9 की मौत लेडी हार्डिंग्स अस्पताल में हुई है।

जिस बिल्डिंग में आग लगी उसमें बाहर से ताला बंद था, जबकि अंदर से लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। स्थानीय लोगों ने कई फंसे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

पीड़ितों के परिजनों के मुताबिक फैक्ट्री में काम करने वाले ज्यादातर नौजवान थे जिनकी उम्र 20-30 साल रही होगी। फैक्ट्री का सिस्टम कुछ ऐसा बनाया गया था कि मजदूर वहीं काम करते थे और रहने-खाने-सोने की व्यवस्था भी वहीं थी इसीलिए घटना के वक्त ज्यादातर मजदूर सोते रहे थे और उन्हें आग की जानकारी नहीं मिली।

घटना के बारे में फायर सेफ्टी अधिकारी का कहना है कि जिन लोगों को बचाया गया, उनमें ज्यादातर बेहोशी की हालत में थे, कुछ जख्मी भी थे। बताया कि जब हम पहुंचे तो देखा बिल्डिंग बाहर से लॉक थी, लोहे का दरवाजा था। अंदर से लोग चिल्ला रहे थे बचाओ-बचाओ। हमलोगों ने गेट तोड़ा और अंदर दाखिल हुए। वहां से लोगों को निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस बड़ी बिल्डिंग में सीढ़ी एक ही थी। अधिकारी ने कहा, ‘हम दरवाजा तोड़कर अंदर गए। वहां जहरीला धुआं काफी भरा हुआ था। इस वजह से ज्यादातर लोग बेहोशी की हालत में बाहर निकाले गए।

 

जहां फैक्ट्री चल रही थी वह रिहायशी इलाका है और फैक्ट्री को एनओसी भी नहीं मिली थी। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।

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