आपका ब्लॉग

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भाजपा के बाद अब कांग्रेस में भी जारी होगी परिवारमय सूची !

हरीश रावत ने भले ही भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवारों की पहली सूची को परिवारमय करार देते हुए  तंज कसा हो लेकिन स्थिति कांग्रेस में भी कुछ ऐसी ही है। यहां पर तो मुख्यमंत्री हरीश रावत के परिवार से...

#SwamiVivekananda | 39 वर्ष का “बड़ा” जीवन

सिर्फ 39 वर्ष 5 महीने और 24 दिन का छोटा सा जीवन लेकिन कद इतना बड़ा की विश्व में करोड़ों लोग स्वामी विवेकानंद को न सिर्फ अपना आदर्श मानते हैं बल्कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हैं। मनुष्य अपनी आयु...

भोपाल गैस त्रासदी | स्कूल किताब से हकीकत तक !

दीपक तिवारी | दुनिया के नक्शे पर झीलों की नगरी भोपाल किसी पहचान की मोहताज नहीं है, लेकिन अफसोस ये पहचान ऐसी है, जिसके बारे में सोचकर आज भी रूह कांप उठती है। दुनिया की सबसे भीषण रसायनिक त्रासदी का...
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फौजी की कविता | ना छोड़ो अब देवभूमि को, इसका आंचल बड़ा सुहाना है

उत्तराखंड़ के जवान कमल कार्की ना सिर्फ भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने के लिए हरदम तैयार रहते हैं बल्कि अपनी कविताओं से समाज को संदेश देने की भी कोशिश करते हैं। कलम के धनी...

एक सैनिक की कविता | भारत मां के सैनिक हैं, हम सैनिक हैं तूफानी

उत्तराखंड के जवान कमल कार्की ना सिर्फ सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की अहुति देने के लिए हरदम तैयार रहते हैं। बल्कि वे अपनी कविताओं के जरिए साथी जवानों औऱ देश वासियों का मनोबल बढ़ाने...

ये सोनम तो बेवफा नहीं है, चाहे तो अपनी आंखों से देख लो।

क्या करिएगा, आपको ये पता चल सके कि आप इंटरनेट के जिस वायरल मैसेज वाले मायावी दुनिया में रहते हैं उससे आगे भी दुनिया है, इस तरह की हेडिंग लगानी पड़ गई। हालांकि ये भी लगे हाथ साफ कर देना...

बसंत निगम की कलम से | राष्ट्रवाद के पर्व पर चैतन्य होकर नाचिए

आपका ब्लॉग के लिए बसंत निगम | केंद्र सरकार के नोट बंदी के फैसले के बाद कतिपय मीडिया के साथ साथ सरकारी अमलों और सत्ताधारी पार्टी की तरफ से ये दिखाने की होड़ सी लगी है की सब कुछ...

हम बुलेट ट्रेन में बैठकर पुखरायां से होकर गुजर जाएंगे, मरने वाले तो मर...

आपका ब्लॉग के लिए आशीष तिवारी | ये अच्छा है कि देश बुलेट ट्रेन में बैठकर रेल का सफर करने के सपने देख रहा है या शायद राजनीतिक नींद या राजनीतिक बेहोशी के हाल में देश को ये सपना...

गैरसैण | ये आफताब और अंधेरों की साजिश तो नहीं !

गैरसैंण से लौटकर आशीष तिवारी | सालों से बहुतेरी उम्मीदों को करीने से सहेज कर रखा था, गैरसैंण सत्र की बात चली तो उम्मीदों का पूरा टोकरा लेकर भैराणीसैंण के ऊंचे पहाड़ों पर चढ़े थे लेकिन उन उम्मीदों को...

आपका ब्लॉग | एक उम्मीद का गैरसैंण हो जाना

आशीष तिवारी। उत्तराखंड के लिए सोलह सालों में उगता सुबह का हर सूरज न जाने कितनी बार अपने उजाले से अनगिनत उम्मीदों पर रोशनी उड़ेल गया। लेकिन हर डूबता सूरज इन उम्मीदों को अंधेरे की पहरेदारी में खामोशी से...

ब्लॉग | मेरे कुछ दोस्तों को मेरे सपनों से बड़ी शिकायतें हैं: मुख्यमंत्री रावत

#Uttarakhand के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक उनके सामने आई चुनौतियों और उत्तराखंड के विकास के लिए अपने सपनों को कागज में उतारा है। आप भी पढ़िए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘अमर...

शिक्षक दिवस विशेष | वो जिस कलम से हदीसे – अवाम लिखता है…

क़रीब 80 साल पहले सियालकोट शकरगढ़ तहसील के कंजरूड़ गाँव में दो दोस्त हाथ में तख़्ती और झोले में क़ायदा (क़िताब) लेकर मदरसे की और निकल जाते थे ये वो वक़्त था जब हिन्दू-मुस्लिम दोनों अगर स्कूल नहीं होता...