Home मेरा उत्तराखंड

मेरा उत्तराखंड

सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा | वो सब कुछ, जो आप जानना चाहते हैं

अल्मोड़ा (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) देवभूमि उत्तराखंड की पहचान अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए होती है। बर्फ की चोटियां, ऊंचे पहाड़ और हरी भरी वादियों हर...

क्या आप जानते हैं ? नैनीताल के नाम के पीछे की रोचक कहानी

नैनीताल (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए जब किसी हिल स्टेशन का जिक्र होता है तो नैनीताल का नाम सबसे पहले याद आता...

चोपता : उत्तराखंड में बसता है ‘छोटा स्विट्ज़रलैंड’

चोपता शहर का कोलाहल धीमे-धीमे हिल स्टेशन्स तक भी पहुंचता जा रहा है। खासकर गर्मियों में हिल स्टेशन पहुंचने वाले टूरिस्ट की संख्या...

रानीखेत | यहां सिर्फ घूमने नहीं समय बिताने आते हैं पर्यटक

रानीखेेत (उत्तराखंंड पोस्ट) देवदार और बलूत के वृक्षों से घिरे रानीखेत पहुंचकर आपको जन्नत सा एहसास होगा। यकीन मानिए अगर आप एक बार रानीखेत...

जायका उत्तराखंड का | ऐसे तैयार होती है लाजवाब झंगोरे की खीर

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) जायका उत्तराखंड का में आज हम बात करेंगे झंगोरा की खीर की, जिसका न सिर्फ स्वाद लाजवाब होता है बल्कि...

यहां छिपा है राज़ | जानिए कैसे होगा कलयुग का अंत ?

गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) धरती पर एक जगह ऐसी भी है जहां एक ही स्थान पर पूरी सृष्टि के दर्शन होते हैं। सृष्टि की रचना...

ज़ायका उत्तराखंड का : ऐसे तैयार होता है स्वादिष्ट ‘सिंगल’

देहरादून  उत्तराखंड के कुमाऊं का पारंपरिक व्‍यंजन है सिंगल। वैसे तो इसे आप कभी भी बना सकते हैं पर दीवाली और होली जैसे त्‍योहारों पर...

उत्तराखंड | जानिए अपने लोक नृत्य को : छोलिया मतलब छल !

देहरादून  छोलिया, कुमाऊं का प्रसिद्ध परम्परागत लोक नृत्य है जिसका इतिहास सैकड़ों-हजारों वर्ष पुराना है। पुराने वक्त से ही छोलिया नृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान...

उत्तराखंड के पंचप्रयाग : जहां स्नान करने से धुल जाते हैं सारे पाप

देहरादून प्रयाग का अर्थ है नदियों का संगम। भारत में कुल 14 संगम या यूं कहें प्रयाग स्थित है। इनमें से 5 प्रयाग...

ज़रूर देखें | भारत का स्विट्जरलैंड…कौसानी

कौसानी  कौसानी यानी भारत का स्विट्जरलैंड। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उत्तराखंड के इस खूबसूरत स्थान के लिए यही कहा था और यहां आने वाला हर...

नि:संतान दंपत्ति की झोली भरती हैं माता अनसूया, दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

चमोली  शहर के कोलाहल से दूर, प्रकृति की गोद में, हिमालय के शिखर पर स्थित अनुसूया मंदिर तक पहुंचना किसी रोमांच से कम नहीं...

ज़ायका उत्तराखंड का : ऐसे तैयार होती है आपकी मनपसंद ‘सिंगोड़ी’

हल्द्वानी (नैनीताल) मालू पत्तों के अन्दर 'पतबीड़ा' के ढाल में ढली सिंगोड़ी का स्वाद जिसने नहीं चखा उसने ज़रूर एक शानदार चीज़ मिस...