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जानिए उत्तराखंड में कहां पर है भगवान गणेश का कटा हुआ सिर ?

देहरादून भगवान गणेश को विघ्‍नहर्ता भी कहा गया है। हिन्‍दू धर्म में मान्‍यता है कि किसी भी शुभ काम को शुरू करने से...

स्थापना दिवस | 9 नवंबर को हुआ था “आपुण उत्तराखंड” का उदय

देहरादून एक अलग राज्य के रूप में उत्तराखण्ड 9 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया। इससे पूर्व यह उत्तर प्रदेश राज्य का एक...

उत्तराखंड की दीपावली : पटाखे फोड़ कर नहीं, भैलो नृत्य कर मनाया जाता है दीपोत्सव

देहरादून   उत्तराखंड हर लिहाज़ से देश के बाकी हिस्सों से भिन्न है। यहां दीपावली को इगास-बग्वाल के नाम से भी जाना जाता हैं। इस...

उत्तराखंड के पंचप्रयाग : जहां स्नान करने से धुल जाते हैं सारे पाप

देहरादून (शालिनि तिवारी) प्रयाग का अर्थ है नदियों का संगम। भारत में कुल 14 संगम या यूं कहें प्रयाग स्थित है। इनमें से...

ज़ायका उत्तराखंड का : इस दिवाली बनाएं ये खास पहाड़ी स्वीट डिश

देहरादून (शालिनि तिवारी) दीपावली का मौका है और ऐसे में आप भी घर पर कुछ पारंपरिक मिष्ठान्न बनाने के बारे में अवश्य सोच...

साहसिक पर्यटन | ट्रैक ऑफ द इयर चांईशील-2017 का होगा आयोजन

देहरादून पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर प्रदेश में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत माउण्टेन बाइकिंग रैली (एम.टी.बी.-2017) के सफल...

‘हरेला’ यानी हरियाली, सुख-समृद्धि का प्रतीक है ये पर्व

देहरादून हरेला उत्तराखंड के कुमाऊं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार सामाजिक सौहार्द के साथ ही कृषि और मौसम से भी संबंधित...

चोपता : उत्तराखंड में बसता है ‘छोटा स्विट्ज़रलैंड’

चोपता शहर का कोलाहल धीमे-धीमे हिल स्टेशन्स तक भी पहुंचता जा रहा है। खासकर गर्मियों में हिल स्टेशन पहुंचने वाले टूरिस्ट की संख्या...

उत्तराखंड पर्यटन | सुकून चाहिए तो जनाब चकराता आइए

चकराता (देहरादून)  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से लगभग 95 किलोमीटर दूरी पर बसी यह मनोहारी जगह अपनी शांति भरे वातावरण और मनोरम घने जंगलों...

नि:संतान दंपत्ति की झोली भरती हैं माता अनसूया, दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

चमोली  शहर के कोलाहल से दूर, प्रकृति की गोद में, हिमालय के शिखर पर स्थित अनुसूया मंदिर तक पहुंचना किसी रोमांच से कम नहीं...

पंचकेदार में सर्वोपरी है मदमहेश्वर धाम, शिव की नाभि की होती है पूजा

रुद्रप्रयाग  यूं तो शिव के हज़ारों मंदिर भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में आपको मिल जाएंगे लेकिन मदमहेश्वर के दर्शन निस्संदेह अलौकिक और...

भगवान बदरीनाथ की महिमा | दर्शन मात्र से ही मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है

बदरीनाथ धाम को भारत के चार पवित्रों धामों में सबसे प्राचीन बताया गया है। सतयुग, द्वापर, त्रेता और कलियुग इन चार युगों की शास्त्रों...