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उत्तराखंड की संस्कृति

‘हरेला’ यानी हरियाली, सुख-समृद्धि का प्रतीक है ये पर्व

देहरादून हरेला उत्तराखंड के कुमाऊं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार सामाजिक सौहार्द के साथ ही कृषि और मौसम से भी संबंधित है। हरेला का अर्थ है हरियाली। इसके साथ ही हरेला पर्व को भगवान शिव के...

उत्तराखंड | जानिए अपने लोक नृत्य को : छोलिया मतलब छल !

छोलिया, कुमाऊं का प्रसिद्ध परम्परागत लोक नृत्य है जिसका इतिहास सैकड़ों-हजारों वर्ष पुराना है। पुराने वक्त से ही छोलिया नृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान रहा है। एक साथ श्रृंगार और वीर रस दोनों के दर्शन कराने वाले इस नृत्य...

हमारी संस्कृति | सौभाग्य का प्रतीक ‘पिछौड़ा’

पिछौड़ा बेहद सादगी भरा लेकिन खूबसूरत परिधान है जिसे उत्तराखंड में सुहागिन स्त्रियां पहनती हैं। ये दुपट्टा या एक ओढ़नी की तरह होता है और उत्तराखंड में औरतों के सौभाग्य की निशानी माना जाता है। किसी भी व्रत-त्यौहार, शादी,...

उत्तराखंड की महिलाओं की शान ‘उत्तराखंडी नथ’

आभूषण हर महिला के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा है। महिलाएं रूप निखारने के लिए तरह-तरह के आभूषण प्रारम्भ से ही पहनती आई हैं। उत्तराखंड की महिलाओं को अलग पहचान दिलाता और उनका रूप निखारता ऐसा ही एक आभूषण है...

ऐपण | खास है उत्तराखंड की यह लोक कला

उत्तराखंड में कई लोक परंपरा मौजूद है। उसी में से एक है ऐपण। आज भी गांव के हर घर की चौखट, पूजाघर और दीवार पर आपको ऐपण की खूबसूरत डिजाइन दिखेगी। उत्तराखंड के लोग ऐपण को बेहद शुभ मानते...

उत्तराखंड के मेले, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए

उत्तराखंड में साल भर अलग-अलग उत्सव और मेले का आयोजन होता रहता है। इन मेलों में उत्तराखंड की संस्कृति के विभिन्न रंग देखने के मिलते हैं। बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर यहां हर्षोल्लास से लोक गीत गाते हैं तथा...

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