लद्दाख में पीछे हटी चीनी सेना, उत्तराखंड के अजित डोभाल ने निभायी बड़ी भूमिका

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर तनाव कम करने की कोशिश हो रही है। LAC पर इसका असर दिखना शुरू हो गया है और चीनी सेना गलवान घाटी से 1-2 किमी. पीछे हटी है। जबकि भारतीय सेना भी अपने स्थान से पीछे हटी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बात की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ये सहमति बन पाई है।  वांग ली ही चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी हैं। 

चीनी सेना द्वारा उठाए जा रहे इस कदम को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है। मंत्रालय ने कहा है कि 30 जून को दोनों पक्षों के बीच कमांडर स्तर की बैठक में बनी सहमति के बाद सैनिक पीछे हटे हैं।

लंबे वक्त से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों की ओर से प्रतिनिधि तय किए गए हैं, भारत की ओर से अजित डोभाल ही स्थाई प्रतिनिधि हैं।

अजित डोभाल ने अपने समकक्ष से बॉर्डर पर शांति स्थापित करने को लेकर बात की और आगे साथ में काम करने पर मंथन किया।

दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं ना हों। इसके अलावा बॉर्डर पर फेज़ वाइज़ सेना के पीछे हटने पर भी सहमति बनी है साथ ही दोनों पक्ष लगातार बॉर्डर को लेकर जो विवाद जारी है, उसपर बातचीत चलती रहेगी।

वहीं चीन के ग्लोबल टाइम्स ने चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान के हवाले से लिखा, भारत और चीन की सेनाओं के बीच 30 जून को तीसरी कमांडर स्तर की वार्ता में सीमा विवाद और जवानों को पीछे हटने को लेकर सहमति बनी। इस पर दोनों देशों ने प्रभावी उपायों के साथ प्रगति की है।

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