जानिए विस चुनाव में कांग्रेस को क्यों मिली करारी शिकस्त ?

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विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद शुक्रवार को कांग्रेस की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी शामिल हुए। अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App – उत्तराखंड पोस्ट

हार के कारणों पर मंथन के लिए बुलाई गई इस बैठक में पार्टी प्रत्याशियों ने भितरघातियों, चुनाव प्रबंधन और प्रचार सामग्री की कमी समेत रणनीतिक खामियों पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। प्रत्याशियों ने कहा कि पार्टी में असंतुष्टों ने प्रत्याशियों को हराने में ताकत झोंकी। अपनों की धोखेबाजी से उन्हें जूझना पड़ा। पार्टी ने जिन्हें सरकार और संगठन में बड़े दायित्व का जिम्मा सौंपा, उन्होंने ही पार्टी की नींव कमजोर करने का काम किया। इसके चलते ही पार्टी को महज 11 सीटों पर संतोष करना पड़ा। प्रत्याशियों ने भितरघातियों पर सख्त कार्रवाई की पैरवी की। बैठक में सहमति बनी कि पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार रहे ऐसे नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने माना कि पार्टी प्रत्याशियों ने सीमित संसाधनों के साथ चुनाव लड़ा। वह पर्याप्त संसाधन मुहैया नहीं करा पाए।

बैठक में यह भी तय हुआ कि पार्टी को निराशा के इस दौर से उबरकर इसी वर्ष नगर निकाय चुनाव और फिर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटना है। इस सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जल्द कुमाऊं मंडल का दौरा किया जाएगा।