अब WHO ने भी माना, हवा में फैल सकता है कोरोना वायरस, लेकिन इन शर्तों के साथ

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस संभावना को स्वीकार किया है कि घातक कोरोना वायरस हवा में फैल सकता है।

 

इसे लेकर 200 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने अपनी बात रखी थी और कहा था कि कोरोना हवा में फैल सकता है जिसके बाद WHO ने भी इस संभावना को स्वीकार किया। हालांकि इस वैश्विक संगठन ने कहा कि ऐसा कुछ शर्तों में ही हो सकता है।

WHO लंबे समय से इस संभावना को खारिज कर रहा था कि कोरोना वायरस कुछ चिकित्सा प्रक्रियाओं को छोड़कर हवा में फैलता है।

WHO ने पहले कहा था कि जब मरीजों को पहली बार श्वास मशीन पर रखा जाता है, तब यह वायरस फैलने का खतरा होता है लेकिन अब उसने माना कि कोरोना वायरस हवा में भी फैल सकता है।

स्वास्थ्य संगठन ने साथ ही कहा कि ऐसा किसी कोरोना संक्रमित मरीज के साथ इंडोर यानी बंद दरवाजों और घर में रहने से हो सकता है।

अपनी पिछली बात में बदलाव करते हुए WHO ने गुरुवार को कहा कि रेस्तरां और फिटनेस क्लास के दौरान COVID -19 के प्रकोप का मूल्यांकन करने वाली रिसर्च से पता चलता है कि कोरोना वायरस हवा में भी फैला होगा। उसने कहा कि ऐसा विशेष रूप से इंडोर स्थानों में, जैसे अपर्याप्त हवादार स्थानों पर संक्रमित व्यक्तियों के साथ लंबे समय तक रहने से हो सकता है।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अधिकारियों ने बताया है कि वायरस फैलने के अन्य तरीके जैसे इंडोर में कोरोना संक्रमित लोगों के बीच संपर्क और वायरस वाली जगहों पर जाना भी शामिल हैं।

डब्ल्यूएचओ के साथ ही कहा कि ऐसे वायरस का फैलना दुर्लभ ही है, जैसा कि कई वैज्ञानिकों ने दावा किया था। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से ही वायरस फैला है, जैसे खांसी या छींकते वक्त सुरक्षा संबंधी उपाय ना करना। साथ ही यह भी कहा कि बिना लक्षणों वाले लोग भी इस वायरस को फैलाने में सक्षम हैं।

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