कैबिनेट फैसले | राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण की कट ऑफ डेट बढ़ी

shaheedउत्तराखंड कैबिनेट ने अहम फैसला लेते हुए राज्य आंदोलनकारी चिन्हीकरण की कट ऑफ डेट बढाकर 30 अप्रैल 2017 कर दी गई है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक में तकरीबन 36 बिंदुओं पर मंथन हुआ।

मंत्रिमंडल ने दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक व तदर्थ रूप से कार्यरत कर्मचारियों को स्थाई करने पर सहमति दी। इससे पहले कार्मिक की नियमावली में अस्थाई कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए समय अवधि 31 दिसंबर, 2008 तय थी। अब इस अवधि को बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2011 तय किया गया है।

इससे सात से आठ हजार तक कर्मचारी नियमितीकरण के दायरे में आ सकेंगे। इस संबंध में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने उक्त संस्तुति की थी। इसे मंत्रिमंडल ने मान लिया, साथ में यह तय हुआ कि इस अवधि को आगे भी बढ़ाने पर विचार होगा।

वहीं उपनल और अन्य आउटसोर्स एजेंसियों से सरकारी महकमों में कार्यरत कर्मचारियों को समायोजित कर नियमित करने के बारे में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति में कार्मिक, न्याय और वित्त सचिव को शामिल किया गया है।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले में नॉन प्लान और प्लान के बजट को अब एकीकृत किया गया। केंद्र सरकार के निर्देशों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। अगले वित्तीय वर्ष से अब बजट में प्लान और नॉन प्लान मद नहीं रहेंगे। मंत्रिमंडल ने गारंटी रिडंप्सन फंड को राज्य सकल घरेलू उत्पाद का एक फीसद करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने राशन विक्रेताओं को राहत दी है। उनके लिए न्यूनतम लाभांश धनराशि 3000 रुपये तय की गई है। इसकी पूर्ति सरकार करेगी। वहीं राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अतिरिक्त चावल खरीदने के लिए मूल्य तय किया गया है। चावल खरीद का यह मूल्य 2310 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। अभी यह दर 2250 रुपये प्रति कुंतल थी। राइस मिलर्स से चावल खरीदने पर उन्हें 60 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। जिला योजना समिति संशोधन नियमावली पर मुहर लगा दी गई।

मंत्रिमंडल ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। सत्र 15 नवंबर के बाद होगा। इसकी तारीखें मुख्यमंत्री तय करेंगे। ये तारीखें 16 व 17 नवंबर तय की जा सकती हैं।