श्रद्धांजलि | पुलवामा मास्टरमाइंड के एनकाउंटर के दौरान शहीद हुए थे मेजर विभूती, एक साल पहले हुई थी शादी

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) बीते साल 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 44 CRPF जवान शहीद हो गए थे। इस हमले में उत्तराखंड के भी दो लाल शहीद हो गए। पुलवामा में  ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा के रहने वाले जवान वीरेन्द्र सिंह और उत्तरकाशी के रहने वाले जवान मोहन लाल इस आतंकी हमले में शहीद हो गए थे।

इस बड़े हमले के बाद 16 फरवरी उत्तराखंड का एक और बेटा शहीद हो गया।देहरादून के रहने वाले मेजर चित्रेश बिष्ट जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान की बार्डर एक्शन टीम (बैट) की ओर से बिछाई गई आईईडी को डिफ्यूज करते समय हुए विस्फोट में शहीद हो गए थे।

इसके बाद 18 फरवरी को एक बार फिर देवभूमी के लिए बुरी खबर आयी। पुलवामा सीआरपीएफ काफिले पर आतंकि हमले के मास्टरमाइंड के एनकाउंटर के दौरान मेजर विभूति ढौंडियाल भी देश के लिए शहीद हो गए। मेजर विभूती की एक साल पहले ही शादी हुई थी।

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55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात शहीद मेजर का आवास देहरादून के नेश्विवला रोड के 36 डंगवाल मार्ग में है। शहीद मेजर तीन बहनों के इकलौते भाई थे। उनके पिता का 6 साल पहले ही निधन हो चुका था। घर पर उनकी मां और पत्नी है। जिस ऑपरेशन में देहरादून के मेजर समेत तीन अन्य जवानों ने अपनी शहादत दी, इस ऑपरेशन में शहीद जवानों के साथियों ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराया।

अंतिम विदाई से पहले शहीद की मेजर विभूती की बहादुर पत्नी ने प्यार से अपने पति का माथा चूमा और कहा- मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हैं…जय हिंद मेरे हीरो। उन्होंने आगे कहा कि सबको पता है कि मैं आपको बहुत प्यार करती हूं। हमेशा आपकी फिक्र रहती थी। आप मुझे मेरी जान से भी प्यारे हो। आप मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश से प्यार करते थे। सबसे प्यार करते थे। आपने देश के लिए अपनी जिंदगी दे दी।

उन्होंने कहा कि मैं सभी से निवेदन करती हूं कि वे सहानुभूति न रखें, बल्कि बहुत मजबूत बनें, क्योंकि यह वीर हमारे यहां खड़े किसी भी व्यक्ति की तुलना में बहुत बड़ा है। देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहूति दे दी। आप सच में हीरो हो। मेरे लिए बेहद गर्व की बात है कि मैं आपकी पत्नी हूं। मेरा पति वीर है। मेरा ही नहीं बल्कि पूरे देश का हीरो है। आज जा रहे हो लेकिन याद रखना आप मुझसे कभी दूर नहीं हो सकते। हमेशा मेरे साथ रहोगे। एक अमर प्रेम की तरह। जब तक मेरी सांस चलेगी, तब तक मैं सिर्फ आपको ही प्यार करूंगी। मैं सबसे प्रार्थना करती हूं कि वह इस वीर की शहादत पर सुहानूभुति न जताएं। इस नौजवान की कुर्बानी, जिम्मेदारी, देश के प्रति अहसास को समझें। यूआर माई हीरो, आई लव यू। जय हिंद।

 

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