गन्ना किसानों को अब तक 510 करो़ड़ का हुआ भुगतान

इस वर्ष उत्तराखंड में चीनी मिलों द्वारा 300 लाख कुंतल गन्ना पिराई की गई। अब तक 510 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया गया, जो कुल भुगतान का लगभग 75 प्रतिशत है। गुरुवार को सचिवालय में गन्ना विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव गन्ना विनोद शर्मा ने यह जानकारी दी। शेष भुगतान के निर्देश
 

इस वर्ष उत्तराखंड में चीनी मिलों द्वारा 300 लाख कुंतल गन्ना पिराई की गई। अब तक 510 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया गया, जो कुल भुगतान का लगभग 75 प्रतिशत है। गुरुवार को सचिवालय में गन्ना विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव गन्ना विनोद शर्मा ने यह जानकारी दी।

शेष भुगतान के निर्देश | बैठक में मुख्यमंत्री ने शेष भुगतान के संबंध में निर्देश दिए कि सभी चीनी मिल चीनी विक्रय कर गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित कराएं, ताकि किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान होने के साथ ही उनकी कठिनाइयों का निराकरण हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों की चीनी मिलों द्वारा गत वर्ष की चीनी को अधिक से अधिक मात्रा में बेचा जाए, ताकि प्राप्त धनराशि से गन्ना मूल्य भुगतान हो सके।

आधुनिकरण के निर्देश | मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया जाना है, उसके आदेश तत्काल दिए जाएं। सचिव गन्ना विकास ने बताया कि बाजपुर चीनी मिल के संबंध में यूजेवीएनएल के साथ उत्तराखंड सहकारी चीनी मिल संघ का एमओयू अंतिम चरण में है। एमओयू होने के बाद चीनी मिल के आधुनिकीकरण के आदेश कर दिए जाएंगे।

गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम | मुख्यमंत्री  हरीश रावत ने इस वर्ष सभी चीनी मिलों द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने से चीनी की रिकवरी 0.60 प्रतिशत बढ़ने पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही निर्देश दिए कि गन्ना बीज बदलाव कार्यक्रम प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र में चलाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य के गन्ना शोध केंद्रों तथा राज्य से बाहर के शोध केंद्रों से भी गन्ना बीज प्राप्त किए जाएं।

बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव गन्ना विनोद शर्मा उपस्थित थे।

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