उत्तराखंड | भूकंप आने से पहले मिलेगी चेतावनी, 155 स्थानों पर लगे सेंसर

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में राज्य में घटित प्राकृतिक आपदाओं एवं सड़क दुर्घटनाओं की ऑन लाइन रिपोर्टिग, डाटा कलेक्शन व प्रवर्तन हेतु विकसित किए गए एमआईएस पोर्टल ‘‘सचेत’’ का शुभारम्भ किया।

बैठक के दौरान उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण ने जानकारी दी कि विभिन्न मौसम सम्बन्धित सटीक जानकारियों के लिए आगामी जून तक मुक्तेश्वर व सुरकण्डा देवी में डॉप्लर राडार लगा दिए जाएगे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा राज्यभर में 176 में से 139 मिट्रयॉलॉजिकल इक्वपमेन्ट लगा दिए गए है। आईआईटी रूड़की द्वारा राज्यभर में भूकम्प पूर्व चेतावनी तन्त्र को सुदृढ़ करने के लिए 184 में से 155 सेन्सर लगा दिए गए है। भूकम्प के चेतावनी के लिए राज्यभर में 49 साइरन लग चुके है।

इसके साथ ही भूकम्प की पूर्व चेतावनी के लिए हरिद्वार, देहरादून व काठगोदाम के 100 स्थानों व एसईओसी तथा डीईओसी पर साइरन लगाए जा रहे है। टीएचडीसीआईएल के सहयोग से कोटेश्वर व ऋषिकेश के मध्य गंगा किनारे 8 स्थानों पर वॉइस मैसेज के साथ साइरन लगाए जा रहे है।

विजन 2020 के तहत एसडीआरएफ द्वारा अभी तक 5381 महिला मंगल दलों व 4995 युवा मंगल दलों तथा 87 एनजीओं को प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्यो का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सभी जिलों में अभी तक 74 सेटेलाइट फोन दिए जा चुके है तथा अतिरिक्त 79 सेटेलाइट फोन जल्द ही उपलब्ध करवाए जाएगे।

सभी जिलों में आपदा घटित होने के पश्चात सर्विलेन्स व मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन की व्यवस्था है। आपदाओं के प्रभावी प्रबन्धन हेतु जिला स्तर पर जीआईएस सेल बनाए जा रहे है।बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि वेप्कॉस द्वारा 9.97 करोड़ रूपये  की लागत से पूर्णागिरी मन्दिर के स्लॉप में आ रही दरारों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही एसडीआरएफ द्वारा पिथौरागढ़ की ब्यांस, दारमा व चौंदास घाटी में वायरलेस इन्टरनेट संचार सुविधा स्थापित करने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।

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