शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट, श्रद्धालु अब यहां कर पाएंगे दर्शन

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गंगोत्री (उत्तराखंड पोस्ट) गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट के शुभ अवसर 12.30 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में उनके दर्शन कर सकेंगे।

अन्नकूट के अवसर सुबह 10.30 बजे मां गंगा का मुकुट उतार दिया गया। इसके बाद मां गंगा की मूर्ति के निर्वाण दर्शन शुरू हुए। साथ ही मंदिर में हवन किया गया। इसके बाद गंगा लहरी की आरती की गई। फिर वेदपाठियों और तीर्थ पुरोहितों ने मंत्रोच्चार के बीच मां की मूर्ति को डोली में विराजमान कर मंदिर से बाहर निकला। 12.30 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।

कपाटबंदी के दौरान मंदिर परिसर का नजारा भव्य था। सेना के बैंड की मधुर धुन के साथ ही भक्तों की भीड़ मां गंगा के जयकारे लगा  रही थी। इसके बाद गंगा की डोली मुखवा के लिए रवाना हो गई। डोली रात्रि विश्राम के लिए मुखवा के निकट चंडी मंदिर पहुंचेगी। भैयादूज के अवसर पर गंगा की डोली अपने शीतकालीन पड़ाव मुखवा स्थित गंगा मंदिर में विराजमान की जाएगी।


वहीं केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट नौ नवंबर को बंद होंगे। साथ ही बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट बंद करने की तैयारी सुबह से ही शुरू हो गई है।