अच्छी ख़बर | मोदी सरकार के इस फैसले से सस्ता घर खरीदना होगा आसान

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) मोदी सरकार के एक फैसले से सस्ता घर खरीदना आम आदमी के लिए आसान हो जाएगा। दरअसल सरकार ने बिल्डरों को किफायती मकान खरीदारों से जीएसटी वसूलने से मना किया है। सभी सस्ती आवासीय परियोजनाओं पर प्रभावी जीएसटी दर 8 फीसदी है। इसे ‘इनपुट क्रेडिट’ के ज़रिए समायोजित किया जा सकता है।

सरकार ने ये भी कहा कि बिल्डर अगर कच्चे माल पर क्रेडिट दावा को शामिल करने के बाद मकान के दाम घटाते हैं, तभी वो सस्ते आवास वाली परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों से माल एवं सेवा कर वसूल सकते हैं।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक फ्लैट, आवास आदि के निर्माण के लिए इस्तेमाल सभी कच्चा माल तथा पूंजीगत सामान पर जीएसटी 18 फीसदी या 28 फीसदी लगता है। इसके विपरीत सस्ते खंड में आने वाली सभी आवासीय परियोजनाओं पर 8 फीसदी जीएसटी लगेगा।

बिल्डर या डेवलपर को फ्लैट के निर्माण सेवा पर नकद जीएसटी देने की ज़रूरत नहीं होगी, लेकिन उनके पास पर्याप्त ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ होगा जिससे मूल्य वर्द्धन पर जीएसटी देना होगा। मंत्रालय के मुताबिक बिल्डरों को खरीदारों से फ्लैट पर भुगतान योग्य कोई जीएसटी नहीं वसूलना चाहिए।

जीएसटी परिषद ने 18 जनवरी को अपनी अंतिम बैठक में ‘क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी’ योजना (सीएलएसएस) के तहत मकानों के निर्माण के लिए रियायती दर से 12 फीसदी जीएसटी लगाने की बात कही है। इसका मकसद सस्ते मकान को बढ़ावा देना है जिसे 2017-18 के बजट में बुनियादी ढांचा का दर्ज़ा दिया गया है। हालांकि मकान, फ्लैट के लिए ली जाने वाली राशि में से तिहाई ज़मीन की लागत घटाने से प्रभावी जीएसटी दर 8 फीसदी पर आ गयी है। ये प्रावधान 25 जनवरी से प्रभाव में आ गया है।

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