इसलिए परेशान हैं हरीश रावत, सताने लगी है बुढ़ापे में जीवन-यापन की चिंता

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) कथित स्टिंग केस में सीबीआई जांच का सामना कर रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अब अपने बुढ़ापे में जीवन यापन की चिंता सताने लगी है। हरीश रावत ने जिस तरह से कथित स्टिंग केस के संदर्भ में जो बात कही है उससे तो कम से कम ही प्रतीत होता है।

हरीश रावत ने कहा कि नैनीताल हाईकोर्ट में आज हमारी पिटीसन की सुनवाई की नई तारीख 7 जनवरी को निर्धारित हुई है। हर नई तारीख के साथ सर पर एक हतोड़ा सा पड़ता है। जीवन भर कुछ कमाने के बाद व्यक्ति अपने बुढ़ापे में ऐसा आशीयाना बनाता है, जहां वह अपना ईलाज करवा सके, जहां उसकी देख-रेख हो सके और अपने जीवन के बाकी बचे हुये वर्षों का गुजर-बसर कर सके। लगता है, मेरे भाग्य में जो कुछ है भी मेरे पास, वह सब न्याय पाने की आशा में समर्पित करना है, ऊॅ न्याय देवताय नमः कहना है।

हरीश रावत आगे कहते हैं कि शायद मुझे राजनैतिक व शारारिक रूप से बर्बाद करने वाले यह जानते हैं कि इसका एक ही तरीका है, हरीश रावत को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दो। खैर कुछ गलतियां की होंगी कभी जीवन में, परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा। साथ ही हरीश रावत ने कहा कि खैर मैं संघर्ष से हटूंगा नहीं, चाहे न्याय पाने की आशा में मौत ही क्यों न आ जाय।

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