किशोर की रक्षामंत्री को चिट्ठी, सर्जिकल स्ट्राईक पर राजनीतिक रोटियां ना सेकें

img-20161009-wa0193img-20161009-wa0194उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर को पत्र लिखकर भाजपा नेताओं द्वारा भारतीय सेना द्वारा किये गये सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की है।

रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर को लिखे पत्र में प्रदेश कांग्रेस किशोर उपाध्याय ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखण्ड के नौजवानों का देश की रक्षा में अभूतपूर्व योगदान रहा है और प्रथम विक्टोरिया क्रास भी उत्तराखण्ड के अमर शहीद वीर गब्बर सिंह नेगी को मिला था। जब भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए बलिदान की आवश्यकता होती है तो पहली रक्त की बूंद धरती पर उत्तराखण्ड के सपूत की गिरती है। देश की रक्षा सेनाओं के गौरवशाली इतिहास में आप देखेंगे तो उसमें आपको इस तरह के कई मील के पत्थर मिल जायेंगे।
उपाध्याय ने कहा कि उरी (कश्मीर) की दुःखद घटना एवं ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के उपरान्त देशभर में जिस तरह का वातावरण भाजपा द्वारा बनाया गया उससे लोगों के मन में अनेकानेक संशय पैदा हो गये हैं।
भारतवासी यह समझते थे कि नरेन्द्र मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री और आप पूरे देश के रक्षा मंत्री हैं, लेकिन आप दोनों की कार्यशैली से ऐसा लगा जैसे आप दोनों भारत के नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हैं। उत्तराखण्ड में शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिस पर देश की रक्षा के लिए शहीद होने वाले सैनिकों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के शहीदों की शहादत का असर न पड़ा हो और हम सबको उस पर गौरव भी है, क्योंकि देवभूमि हमेशा बिना भेदभाव के शहादत देने का ही काम करती है किसी से कभी कुछ नहीं लेती है।

उन्होंने रक्षा मंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के समय भी यहां के वीर सैनिकों का देश की सीमाओं की रक्षा में बलिदान का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। उस समय शहीदों के पवित्र शरीरों को लाने वाले ताबूतों पर भी दलाली का साया पड़ा था। भारतीय जनता पार्टी जिस तरह का वातावरण देश व उत्तराखण्ड में बना रही है वह अत्यंत चिन्ताजनक है और कांग्रेस को रक्षा सेनाओं के मामले में कटघरे में खड़ा करने का काम कर रही है, जो कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का कुत्सित प्रयास है। कांग्रेस ने हमेशा रक्षा सेनाओं का सम्मान किया है और जब इन घटनाओं पर राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश की गई तब हमने जरूर आलोचना की है। देश एवं उत्तराखण्ड का जनमानस आज आपसे जानना चाहता है कि क्या यह सर्जिकल स्ट्राइक उरी घटना से पहले नहीं हो सकती थी, यदि उससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक होती तो हमारे 18 सैनिक शहीद होने से बच सकते थे? क्या भारतीय जनता पार्टी और उसके अनुषांगिक संगठनों ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को सम्पन्न करवाया ?

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के पास पूरे देश में श्रेय लेने और अपने गलों में हार पहनने की होड़ मची हुई है, और आप स्वयं भी इस तरह के कार्यक्रमों की शोभा बढ़ा रहे हैं, लेकिन न तो हमारे प्रधानमंत्री और न ही आपको उन परिवारों की सुध लेने का समय है जिन्होंने उरी की घटना में अपने परिजनों को खोया है। देश में इससे पहले भी इस प्रकार के कई सर्जिकल स्ट्राइक हुए किन्तु उनका इस प्रकार राजनीतिकरण और प्रचार-प्रसार नहीं हुआ। 1965 के युद्ध में किसानों और जवानों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी तथा 1971 के युद्ध में मिली भारी जीत के उपरान्त तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी जी ने देेश में कहीं भी क्या इस तरह के पोस्टर लगाये जिस तरह के पोस्टर भारतीय जनता पार्टी देशभर में लगा रही है, जब अटल बिहारी बाजयेपी जी ने इन्दिरा जी को ‘दुर्गा’ कहा था।

प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि जब पूरे देश में इस प्रकरण पर आमराय बन गई थी तो भारतीय जनता पार्टी ने उससे राजनैतिक रोटियां सेकनी शुरू कर दी और इस आम सहमति को तोड़ने के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का आगमन जब देहरादून हुआ था तो रक्षा सेनाओं के सर्वोच्च कमाण्डर होने के नाते उत्तराखण्ड कांग्रेस ने उन्हें विनम्रता पूर्वक विश्वास दिलाया था कि देश की सीमाओं की रक्षा के विषयों पर कोई भी राजनीति नहीं होनी चाहिए तथा इसके लिए उत्तराखण्ड का कांग्रेसजन आपके निर्णय के साथ रहेगा। आज इस आमराय और जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम भारतीय जनता पार्टी ने किया है। आप रक्षा सेनाओं के प्रमुख हैं, आशा है आप उपरोक्त बिन्दुओं का संज्ञान लेते हुए समुचित कदम उठायेंगे जिससे राष्ट्रवाद की भावना को ठेस न लगे।