उत्तराखंड | मानव विकास सूचकांक में देहरादून अव्वल, जानिए बाकी जिलों का हाल

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) वित्त मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में सचिवालचय में राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट (एच0डी0आर0) स्टेक होल्डर, कन्सलटेशन्स की कार्यशाला का आयोजन किया गया।

राज्य की मानव विकास रिपोर्ट जनपदों व शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गयी है। रिपोर्ट के प्रारम्भिक आंकलन के अनुसार मानव विकास सूचकांक निम्नानुसार हैः-

District Overall Rank
Dehradun 0.765 1.
Haridwar 0.733 2.
U.S. Nagar 0.717 3.
Chamoli 0.691 4.
Pauri Garhwal 0.678 5.
Pithoragarh 0.675 6.
Nainital 0.674 7.
Bageshwar 0.662 8.
Almora 0.655 9.
Uttarakashi 0.630 10.
Rudraprayag 0.626 11.
Champawat 0.620 12.
Tehri Garhwal 0.611 13.
Uttarakhand 0.718  

 

यह सूचकांक मानव विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर के संबंधित सूचकों के आधार पर तैयार की गयी। इस रिपोर्ट के अनुसार मानव विकास में देहरादून, हरिद्वार तथा ऊधमसिंहनगर क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर रहे जबकि रूद्रप्रयाग, चम्पावत तथा टिहरी गढवाल क्रमशः 11वें, 12वें तथा 13वें स्थान पर रहें। देहरादून, हरिद्वार तथा ऊधमसिंहनगर की अच्छी रैंकिंग का मुख्य कारण वहाॅ की उच्च प्रति व्यक्ति आय रही है।

इसी प्रकार लैंगिक विकास सूचकांक ( Gender Development Index  ) पर चर्चा करते हुए बताया गया कि उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग तथा बागेश्वर क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर रहे जबकि ऊधमसिंहनगर, देहरादून तथा हरिद्वार क्रमशः 11वें, 12वें तथा 13वें स्थान पर रहें।

बहुआयामी गरीबी सूचकांक  Multi Dimension Power- MPI  शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जीवन का स्तर के अपवंचन की स्थिति के अनुरूप  MPI  तैयार किया गया है। इसके आंकलन हेतु जीवन स्तर, सम्पत्ति, आवास, घरेलू ईधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, संस्थागत प्रसव, शिक्षा, विद्यालयी उपस्थिति तथा विद्यालयी उपलब्धता संबंधी सूचनायें संकलित की गयी।  MPI   में चमोली, चम्पावत तथा पिथौरागढ क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर रहे जबकि हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर तथा देहरादून क्रमशः 11वें, 12वें तथा 13वें स्थान पर आंकलित किये गये।

वित्त मंत्री प्रकाश पंत द्वारा अवगत कराया गया कि यू0एन0डी0पी0 द्वारा जारी की गयी, मानव विकास रिपोर्ट 2018 में भारत की रैंकिंग मेंविगत चार वर्षों से निरन्तर सुधार होकर 130 वीं थी।एच0डी0आर0 विजन 2030 के साथ लिंक करते हुए अपेक्षित परिणामों को लाने हेतु क्रियान्वयन नीति बनानी आवश्यक है। इस हेतु प्रत्येक विभाग को उनके द्वारा मांग की जानी वाली बजट के अनुरूप आऊटकम बजट की स्थिति को नियमित रूप से नियोजन विभाग द्वारा अनुश्रवण किया जाना आवश्यक है जिससे विभागों को उपलब्ध कराये जा रहे बजट का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

वित्त मंत्री द्वारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के प्रमुख सकेंतक जैसे संस्थागत, टीकाकरण, शिशु मृत्यु दर तथा माध्यमिक शिक्षा में नामंकन की स्थिति में सुधार लाने हेतु मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिये गये।

कार्यशाला में सचिव, नियोजन, श्री अमित नेगी द्वारा इस विषय पर बल दिया गया है कि हाल ही में सत्त विकास लक्ष्यों पर जारी विजन 2030 का प्रभावी क्रियान्वयन मानव विकास रिपोर्ट से प्राप्त आंकडों के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है।

मानव विकास रिपोर्ट पर आयोजित इस कार्यशाला में सचिव डाॅ. भूपेन्द्र कौर औलख,  आर.मीनाक्षी सुन्दरम, प्रभारी सचिव बी0एस0 मनराल, निदेशक अर्थ एवं संख्या  सुशील कुमार तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्यान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष/अधिकारी तथा आई0एच0डी0 संस्थान के विशेषज्ञ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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