उत्तराखंड | आया ‘काफल’ का मौसम, इस वीडियो से जानिए ‘काफल’ की मार्मिक कहानी

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अल्मोड़ा (उत्तराखंड पोस्ट) देवभूमि उत्तराखंड आने वाले शख्स ने अगर यहां के फलों का स्वाद नहीं लिया, तो समझिए उसने कुछ मिस कर दिया। ऐसा ही एक फल है काफल।

कहते हैं कि काफल को अपने ऊपर बेहद नाज भी है और वह खुद को देवताओं के खाने योग्य समझता है। कुमाऊंनी भाषा के एक लोक गीत में तो काफल अपना दर्द बयान करते हुए कहते हैं, खाणा लायक इंद्र का, हम छियां भूलोक आई पणां’. इसका अर्थ है कि हम स्वर्ग लोक में इंद्र देवता के खाने योग्य थे और अब भू लोक में आ गए।’

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों का ये खट्टा-मीठा रसीला फल काफल बाजार में आ गया है। शुरुआती दौर में यह फल करीब 400 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसलिए अगर आप उत्तराखंड आ रहे हैं तो काफल का स्वाद लेना न भूलिएगा।

नीचे लिंक पर क्लिक कर जानिए ‘काफल’ की बेहद मार्मिक कहानी- 

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