समझिए गणित – कैसे महाराज और त्रिवेंद्र को पछाड़कर पंत बन सकते हैं मुख्यमंत्री ?

उत्तराखंड में भाजपा की बंपर जीत के बाद मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कयासों का दौर जारी है। इस बीच बड़ी खबर ये मिल रही है मुख्यमंत्री के तीन प्रबल दावेदारों विधायक सतपाल महाराज, विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधायक प्रकाश पंत में से फिलहाल पंत इस रेस में बाजी मार सकते हैं।  अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App –https://play.google.com/store/apps/details?id=app.uttarakhandpost

क्या है गणित ?

सतपाल महाराज क्यों पिछड़े ? | मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल सतपाल महाराज का हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना उनका दौड़ में पिछ़ड़ने की मुख्य वजह बन रही है। चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थाम कर भाजपा में शामिल महाराज को मुख्यमंत्री बनाने की स्थिति में भाजपा में तीखे विरोध के स्वर उठ सकते हैं। ऐसे में खबर ये है कि भाजपा विरोध की स्थिति से बचना चाहेगी।

त्रिवेंद्र सिंह रावत की कमजोर कड़ी | मुख्यमंत्री की दौड़ में शुरुआत में सबसे आगे निकले त्रिवेंद्र सिंह रावत की कमजोर कड़ी पूर्व में राज्य में भाजपा सरकार में उनके कृषि मंत्री रहते हुए ढैंचा बीच घोटाले में उनका नाम होना है। ये मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। त्रिवेंद्र को मुख्यमंत्री बनाने की स्थिति में भाजपा सवालों के घेरे में आ सकती है।

प्रकाश पंत क्यों आगे निकले | प्रकाश पंत मौजूदा समीकरणों के हिसाब से मुख्यमंत्री के लिए फिट बैठ रहे हैं। पूर्व भाजपा सरकार में वे विधानसभा अध्यक्ष भी रहे हैं साथ ही संसदीय कार्यमंत्री की जिम्मेदाऱी भी उन्होंने निभाई है। पंत के पक्ष में उऩका राजनीतिक और प्रशासनिक अऩुभव है साथ ही उनकी निर्विवाद छवि। जिस कारण से वे इस रेस में सबसे आगे बने हुए हैं।

बहरहाल भाजपा अगर इन मौजूदा तीन दावेदारों में से मुख्यमंत्री की चयन करती है तो प्रकाश पंत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। हालांकि आखिरी फैसला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर ही करेंगे। ऐसे में देखना ये होगा कि इस दौड़ में कौन बाजी मारता है।

जानिए CM रेस में सतपाल महाराज से कौन निकला आगे ?