सेना मेडल से नवाजे गए शहीद मेजर चित्रेश, शादी से 19 दिन पहले हुए थे शहीद

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले उत्तराखंड के वीर सपूत शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट को मरणोपरांत ‘सेना मेडल’ प्रदान किया गया है।
बुधवार को सेना दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शहीद चित्रेश बिष्ट के पिता सुरेन्द्र सिंह बिष्ट यह मेडल सौंपा। बेटे की वीरता का मेडल लेते हुए पिता की आंखें नम हो गईं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट को सेना मेडल से नवाजा गया। सैन्यधाम उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। यह मेडल उनके पिता सुरेंद्र सिंह बिष्ट जी ने ग्रहण किया। 16 फरवरी 2019 को मेजर चित्रेश बिष्ट ने अपनी जान की बाजी लगाकर LoC पर लगाई गई IED को निष्क्रिय किया तथा अपने साथियों की जान बचाई।

मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के रानीखेत तहसील के पिपली गांव के रहने वाले मेजर चित्रेश बिष्ट का परिवार देहरादून के ओल्ड नेहरू कालोनी में रहता है। उनके पिता सुरेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड पुलिस से इंस्पेक्टर पद से रिटायर हैं। सरहद पर शहादत के दौरान मेजर चित्रेश की उम्र 28 साल थी। भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर वे वर्ष 2010 में पासआउट हुए थे।

उत्तराखंड | मेजर बेटे की शादी के कार्ड बांटने गए थे पिता, लौटे तो आई शहीद होने की ख़बर

मेजर चित्रेश की शहादत की खबर उस समय आई जब घर पर उनकी शादी की तैयारियां चल रहीं थी।  मेजर चित्रेश की शादी सात मार्च 2019 को होनी थी। शादी के कार्ड भी बंट चुकेथे। लेकिन इससे पहले दून का यह लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया।