5 दिन की बेटी को गोद में लेकर मेजर कुमुद ने दी विंग कमांडर पति को अंतिम विदाई

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नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो) भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात कुमुद डोगरा ने यह साबित कर दिया है कि देश की निगरानी में लगे हमारे योद्धाओं का दिल फौलाद का होता है। अपनों को खोने का गम किसे नहीं सालता? लेकिन पति को हमेशा खो देने वाली कुमुद डोगरा ने जो हौसला और दिलेरी दिखाई है, वो दम सभी नहीं हो सकता है। अपनी 5 दिन की बेटी को गोद में लेकर मेजर कुमुद ने विंग कमांडर पति डी वत्स को अंतिम विदाई दी है। पति के अंतिम संस्कार में मेजर कुमुद पूरी वर्दी में थीं। आज हर कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। अगर आप इनसे वाकिफ नहीं है तो आपके लिए भी मेजर कुमुद के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है।

मेजर कुमुद डोगरा के पति डी वत्स इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर थे। 15 फरवरी को असम के मजोली में उनका माइक्रोलाइट हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में डी वत्स की मौत हो गई थी। पति की मौत की खबर सुन कुमुद दुखी थीं। लेकिन कुमुद का दुख उनकी बेटी के लिए भी था। जब डी वत्स की मौत हुई तब उनकी बेटी महज चार दिन की ही थी। बेटी को पिता की गोद तक नसीब नहीं हुई।

डी वत्स की मौत कुमुद के लिए किसी गहरे सदमे से कम नहीं था लेकिन उन्‍होंने हौसला नहीं हारा। उन्होंने वही किया जो एक फौजी और फौजी की पत्नी का कर्तव्य होता है। उन्होंने फौलाद का दिल लिए अपनी पांच दिन की बेटी को गोद में लिए पति को अंतिम विदाई दी। सोशल मीडिया पर मेजर कुमुद और उनकी बेटी की फोटो तेजी से वायरल हो रही है। वायरल हो रही तस्वीरों में कुमुद अपनी बेटी को गोद में लिए आगे बढ़ती दिख रहीं हैं।

असम के माजुली जिले में एक वायुयान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हादसे में भारतीय वायुसेना के दो पायलट मारे गए थे। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हल्के वजन का वायुयान जोरहट एयरबेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वायुयान दोपहर में नियमित उड़ान पर निकला था। नयी दिल्ली में अधिकारियों ने बताया था कि दो सीटों वाले विमान के मलबे का पता चलने के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए।

तेजपुर स्थित रक्षा विभाग के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्द्धन पांडे ने बताया था कि दुर्घटना में विंग कमांडर जय पॉल जेम्स और विंग कमांडर डी. वत्स को जान गंवानी पड़ी। पायलटों ने आपातकालीन लैंडिंग का प्रयास किया था लेकिन जिले के उत्तरी हिस्से में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।

दुर्घटना दरबार चापोरी में हुई जो ब्रह्मपुत्र का बालू वाला इलाका है और वहां मनुष्यों की आबादी नहीं है। जिले के दूसरे गांवों के लोगों ने विमान में आग लगते हुए देखा और जिले के अधिकारियों को सूचित किया था।

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