मौनी अमावस्या | लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई पवित्र डुबकी

हरिद्वार (उत्तराखंड पोस्ट) कोहरे और ठंड के बावजूद भी मौनी अमावस्या पर आज भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मौन रख कर गंगा स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना, दान कर पुण्य अर्जित किया। इस दिन तिल और गुड़ का दान करने के साथ ही गुप्त दान करने की भी मान्यता और परंपरा है।

शुक्रवार तड़के से ही हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके लिए श्रद्धालु गुरुवार से ही हरिद्वार पहुंचने लगे थे। तमाम ने तो पुण्यकाल का  इंतजार किए बिना ही ब्रह्म मुहूर्त से स्नान शुरू कर दिया था ।स्नान के चलते हरकी पैड़ी, सर्वानंद घाट, बिरला घाट, लवकुश घाट, विश्वकर्मा घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट आदि घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा।

धार्मिक मान्यता और परंपरा के अनुसार माघ मास की अमावस्या पर देवी देवता, गंधर्व, यक्ष किन्नर आदि पवित्र नदियों के तट पर पुण्य स्नान करने आते हैं। इस बार मौनी अमावस्या के दिन 30 वर्षों के बाद बेटे का अपने पिता से अपने घर में मिलन होगा। भगवान शनि देव को सूर्य भगवान का पुत्र माना गया है और 30 वर्ष बाद यह संयोग आ रहा है कि शनि अपनी राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि उनके पिता सूर्य भगवान पहले से ही इस राशि में विराजमान हैं।

सनातनी मान्यता के अनुसार श्रद्धालुओं ने गंगा पूजन और गंगा अभिषेक भी किया। स्नान के बाद हरिद्वार के मंदिरों के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने तिल गुड़ वस्त्र आदि का दान किया। गुप्त दान की मान्यता होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुप्त दान भी किया।।

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