रेणुका बहुद्देशीय परियोजना | केंद्र और 6 राज्यों के बीच MoU, उत्तराखंड को होगा ये फायदा

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नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गड़करी की उपस्थिति में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मौजूद थे।उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एमओयू होने से काफी समय से लम्बित चल रही रेणुका परियोजना की राह खुली है।

राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना के बनने से 6 राज्य लाभान्वित होंगे। इससे पूर्व लखवाड़ परियोजना पर भी एमओयू किया गया था। लम्बे समय से अटकी पड़ी राष्ट्रीय परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री नितिन गड़करी  का आभार व्यक्त किया।  रेणुका परियोजना (40 मे.वा.) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के गिरी नदी में स्थित बहुउद्देशीय परियोजना है। इस परियोजना में 148 मीटर ऊँचा राक फिल बांध प्रस्तावित है। परियोजना की कुल लागत रू. 4596.76 करोड़ है।

इस परियोजना के जलाशय में 514.32 एम.सी.एम जल का संग्रहण किया जा सकेगा। इस परियोजना को वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, जिसके फलस्वरूप परियोजना के जल घटक का 90 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा दिया जायेगा। इस परियोजना का निर्माण, परिचालन एवं अनुरक्षण हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लि. द्वारा किया जायेगा।रेणुका परियोजना के निर्माण के उपरान्त हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली को समझौते में निर्धारित मात्रा के अनुसार जल प्राप्त होगा, जिसमें से उत्तराखण्ड राज्य को 19.72 एम.सी.एम (कुल जल का 3.81 प्रतिशत) जल सिंचाई, घरेलू व औद्योगिक उपयोग हेतु प्राप्त होगा।

इस परियोजना से संग्रहित जल बंटवारे के अतिरिक्त अन्य लाभ हिमाचल प्रदेश को होगा। उत्तराखण्ड राज्य द्वारा जल घटक के सापेक्ष कुल 16.50 करोड़ की शेयर धनराशि दो किश्तों में देय होगा।वर्ष 1994 में परियोजना से प्राप्त होने वाले जल के बंटवारे हेतु हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मध्य अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया था। तदोपरान्त उपरी यमुना नदी में प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की कार्यवाही वर्षों से लम्बित थी।

उक्त समझौता प्रपत्र में कतिपय संशोधन कर अपर यमुना रिवर बोर्ड के द्वारा अप्रैल 2018 में रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के समझौता प्रपत्र सभी लाभान्वित राज्यों को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया था। इस परियोजना हेतु उत्तराखण्ड शासन की अनापत्ति पत्र दिनांक 15.10.2018 को अपर यमुना रिवर बोर्ड को प्रेषित किया गया था।परियोजना निर्माण के सन्दर्भ में सभी राज्यों से अनापत्ति प्राप्त होने के उपरान्त शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री, भारत सरकार के समक्ष हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के मध्य रेणुका बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण हेतु समझौता प्रपत्र हस्ताक्षरित किया गया।

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