मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नाबार्ड की चतुर्थ उच्चस्तरीय समिति की बैठक, दिये ये निर्देश

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) बुधवार को सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में नाबार्ड की चतुर्थ उच्चस्तरीय समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने दिसम्बर, 2019 में हुई नाबार्ड की तृतीय उच्च स्तरीय समिति की बैठक में दिये गये निर्देशों के क्रम में हुई प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों से कम्प्लीशन प्रोजेक्ट रिपोर्ट नाबार्ड को प्रोजेक्ट पूर्ण होते ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि लघु सिंचाई, रूरल वर्क्स डिपार्टमेंट द्वारा स्वीकृति धनराशि का पूर्णयता उपयोग कर लिया गया है। मुख्य सचिव द्वारा लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम, राजकीय सिंचाई को निर्देश दिये गये कि वे स्वीकृत प्रोजेक्टों में युद्धस्तर पर कार्य करें। मुख्य सचिव ने उद्योग, कृषि(मंडी), स्कूल शिक्षा में नाबार्ड द्वारा स्वीकृत शुरू न किये गये प्रोजेक्टों के सम्बन्ध में निर्देश दिये कि ऐसे प्रोजेक्टों को शीघ्र शुरू करें और शुरू न कर पाने की दशा में उनकी स्वीकृत धनराशि अन्य स्वीकृत प्रोजेक्टों के लिए प्रस्तावित करें।

बैठक में नाबार्ड द्वारा बताया गया कि नाबार्ड में ट्रैंच XV में स्वीकृत प्रोजेक्टों की कम्प्लीशन प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। जबकि ट्रैंच XVI से  XIX (Closed Tranches) में स्वीकृत 1181 स्वीकृत प्रोजेक्टों में 1069 प्रोजेक्ट पूर्ण हो चुके हैं तथा 112 प्रोजेक्ट में कार्य गतिमान है। उन्होंने समस्त पूर्ण प्रोजेक्ट की पीसीआर नाबार्ड को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

बैठक में वर्ष 2020-21 के लिए वार्षिक योजना पर चर्चा हुई। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक सुनील चावला ने मार्च के अंत तक नये प्रस्ताव की स्वीकृति हेतु वार्षिक योजना 2020-21 को अंतिम रूप देने की अपेक्षा की। वित्त सचिव अमित सिंह नेगी द्वारा वर्ष 2020-21 के लिए अनन्तिम वार्षिक योजना 565 करोड़ तक रखने का प्रस्ताव दिया गया। ज्ञातव्य है कि उत्तराखण्ड शासन द्वारा प्लान को अंतिम रूप देने पर नाबार्ड द्वारा अप्रैल/मई तक वार्षिक योजना हेतु धनराशि स्वीकृति कर दी जायेगी।

बैठक का संचालन करते हुए नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक सुनील चावला ने बताया कि नाबार्ड द्वारा उत्तराखण्ड के सिंचाई, पेयजल, लोक निर्माण, उद्यान, कृषि, डेयरी विकास, मत्स्य, शिक्षा एवं उद्योग आदि विभागों के लिये वर्ष 2019-20 में 518.85 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गयी थी, जिसके सापेक्ष 417.27 करोड़ के प्रस्ताव नाबार्ड द्वारा स्वीकृत कर प्रेषित कर दिये गये थे तथा 68.41 करोड़ रूपये के प्रस्ताव में शीघ्र स्वीकृत दी जा रही है।इस अवसर पर सचिव वित्त अमित नेगी, सौजन्या, सचिव शिक्षा आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव उच्च शिक्षा  इकबाल अहमद नाबार्ड उप महाप्रबन्धक वाई.पी.अग्रवाल तथा सहायक महाप्रबन्धक सुमेर चन्द सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।।

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