पूर्व खिलाड़ियों को नए साल में रावत सरकार ने दिया पेंशन का तोहफा

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ऩए साल में उत्तराखंड सरकार पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को पेंशन के रूप तोहफा दिया है। शुक्रवार को जारी शासनादेश के अनुसार उनको अधिकतम दस हजार और न्यूनतम चार हजार रुपये पेंशन प्रतिमाह दी जाएगी। पेंशन का यह स्लैब चैंपियनशिप के आधार पर तैयार किया गया है।

गौरतलब है कि भूतपूर्व खिलाड़ियों की पेंशन का मामला साल 2008 से लटका हुआ था। शुक्रवार को सरकार ने भूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना का शासनादेश जारी कर दिया। शासनादेश के अऩुसार पेंशन की सुविधा केवल 50 साल से अधिक उम्र वालों को ही दी जाएगी। ओलंपिक खेल के पदक विजेता को दस हजार और प्रतिभाग करने पर सात हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

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हालांकि पेंशन केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलेगी जो सरकारी नौकरी पर न हों और जिनकी मासिक आय निजी संसाधनों से 20 हजार रुपये से अधिक न हो। पेंशन देने के लिए विज्ञप्ति के माध्यम से आवेदन मांगें जाएंगे, जिसमें पात्रों को अपना जन्म प्रमाण पत्र और खेल उपलब्धियों के तमाम प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने होंगे। पेंशन स्वीकृत करने के लिए निदेशक (खेल) की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। पात्र के जीवित रहने तक ही यह सुविधा दी जाएगी।

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कितनी मिलेगी पेंशन | ओलंपिक खेल- पदक विजेता को 10000, प्रतिभाग करने वालों को 7500 रुपये पेंशन दिए जाएंगे। विश्व कप/विश्व चैंपियनशिप को 7000, एशियन गेम्स 6000, कॉमनवेल्थ गेम्स 6500, एफ्रो-एशियन खेल 6000, सैफ गेम्स 5500,पैरा ओलंपिक/ स्पेशल ओलंपिक/मानसिक/शारीरिक विकलांग खिलाड़ी (अंतरराष्ट्रीय) 5000, विश्व मैराथन शारीरिक/मानसिक/पैरा ओलंपिक (विकलांग) 4500, अंतरराष्ट्रीय वेटरन (मास्टर) चैंपियनशिप को 4000 रुपये पेंशन मिलेगी।