वन निगम में प्रिटिंग घोटाला ! RTI से हुआ इस गजब कारनामे का खुलासा

देहरादून [उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो] उत्तराखंड वन निगम में प्रिटिंग घोटाला सामने आया है। यहां पर तीन साल में 20 लाख पेज पर प्रिंट निकाल लिया। इस हिसाब से तकरीबन साढ़े छह लाख प्रिंट प्रति वर्ष और पचपन हजार के करीब प्रिंट प्रति महीने निकाले गए। यही हिसाब जारी रखें तो रोजाना तकरीबन 1800 प्रिंट निकाले गए। अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App   

वन विभाग में स्टेशनरी में इस घोटाले का खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। आरटीआई क्लब उत्तराखंड के महासचिव एएस धुंता के जरिए मांगी गई जानकारी में ये तथ्य सामने आए हैं।

आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि वर्ष 2014 से 2017 तक वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक के दफ्तर में 30 इंक कार्टेज और महाप्रबंधक के दफ्तर में 23 इंक कार्टेज का इस्तमाल प्रिंट निकालने के लिए किया गया। प्रिंट लेने में हुए घोटाले की बू इस्तमाल किए गए कार्टेजेज की संख्या से भी आती है। दरअसल निगम के आंकड़ों के मुताबिक तीन साल में कुल कार्टेजेज 53 लगे और प्रिंट निकले बीस लाख। हिसाब लगाया जाए तो प्रति कार्टेज तकरीबन 38000 प्रिंट निकले। ये हैरान करने वाला आंकड़ा है। आमतौर पर एक कार्टेज से चार पांच हजार प्रिंट ही निकलते हैं लेकिन वन निगम के कर्मचारियों ने ना जाने किस तरकीब से एक कार्टेज से 38000 प्रिंट निकाल डाले।

अब इस्तमाल किए गए पेपर रिम पर आते हैं। आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि तीन साल में बीस लाख प्रिंट निकाले गए या फिर लीगल और ए -4 साइज के पेज पर लिखा गया। वन निगम ने 2014-15 में 376 रिम खरीदे, 2015-16 में 1510 रिम और तीसरे साल 2130 रिम खरीदे। कुल मिलाकर 4016 रिम खरीदे गए। एक रिम में पांच सौ पेपर शीट होती हैं। इस हिसाब से 4016*500 करें तो 2008000 का आंकड़ा मिलता है। ये हिसाब बताता है कि निगम के दफ्तर में इतना काम हो रहा था कि संडे और सार्वजनिक अवकाश का दिन भी जोड़ें तो रोजाना तकरीबन दो हजार प्रिंट निकल रहे थे या पेपर इस्तमाल हो रहा था।

वैसे तीसरे साल निगम के कर्मचारियों ने इतना काम किया कि 2130 रिम खरीदने पड़े। यानी रोजाना तकरीबन तीन हजार पेपर प्रिंट हुए या इस्तेमाल हुए।

वैसे ये पेपरलेस युग है और इस युग की मूल भावना को ही वन विकास निगम का कारनाम मुंह चिढ़ा रहा है। निगम ने पेड़ों के संरक्षण और संवर्धन को भी धता बता दिया है। एक पेड़ से तकरीबन 16 रिम तैयार होते हैं यानी 4016 रिम तैयार करने में 250 के करीब पेड़ों का इस्तमाल हुआ होगा।