पति-पत्नी और ‘वो’ के चक्कर में कातिल बन बैठी अपू्र्वा, ऐसे दिया वारदात को अंजाम

1082

नई दिल्ली(उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिवंगत एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या का खुलासा हो गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहित शेखर तिवारी की हत्या के आरोप में उनकी पत्नी अपूर्वा को गिरफ्तार लिया है।

रोहित शेखर और उनकी मां उज्जवला शर्मा ने दिवंगत नेता नारायण दत्त तिवारी से अपना हक पाने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी । जिसके बाद साल 2014 में उन्हें उस लड़ाई का फल मिला। एनडी तिवारी ने रोहित को बेटे के तौर पर अपना लिया और उज्जवला शर्मा से लखनऊ में बाकायदा शादी कर ली। ।

उज्जवला बेटे के लिए सुंदर सुशील लड़की तलाश रही थीं। इसी दौरान साल 2017 में रोहित ने एक मेट्रोमोनियल साइट पर अपूर्वा का प्रोफाइल देखा। रोहित ने मां को बताया और 2017 में ही दोनों की पहली मुलाकात लखनऊ में हुई। रोहित को अपूर्वा भा गई थी। इस मुलाकात के बाद दोनों करीब आ गए फिर दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे।12 मई 2018 को रोहित और अपूर्वा ने शादी कर ली थी।

शादी के बाद दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में अपूर्वा अपने पति रोहित शेखर के साथ रहने लगी थी। दोनों की गृहस्थी में सब ठीक  चल रहा था अचानक इस कहानी में ‘वो’ की एंट्री हो गई। शादी का एक साल भी पूरा नहीं हुआ था कि अपूर्वा को रोहित की एक महिला मित्र के बारे में पता चला, जो कि उनकी रिश्तेदार थी। उसे लेकर दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगी। रोहित का उस महिला से मिलना अपूर्वा को यह बात गवारा नहीं था।

रोहित और अपूर्वा के रिश्ते में संपत्ति होना भी रोहित के लिए परेशानी का सबब बना। पुलिस छानबीन के मुताबिक अपूर्वा ने रोहित से उसके घरवालों के लिए एक घर बनवाने की मांग की थी।लेकिन रोहित ने हमेशा उसकी बात को नजर अंदाज किया। इस बात को लेकर भी दोनों के बीच कहासुनी होने लगी थी। इस बारे में उज्जवला ने भी पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया है

पिछले माह दोनों के बीच मामला इतना बढ़ा कि अपूर्वा करीब एक माह के लिए अपने मायके चली गई थी। वो वारदात से करीब दो हफ्ते पहले लौटकर रोहित के पास आई थी।रोहित की मां उज्जवला ने बताया कि रोहित और उसकी पत्नी अपूर्वा जून में तलाक लेने वाले थे।

11 अप्रैल उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव था। रोहित को वहां वोट डालने के लिए जाना था। जब रोहित वहां गया तो बताया गया कि वो अपनी महिला मित्र को भी साथ ले गया था। जब रोहित शेखर वोट डालने के लिए उत्तराखंड में था। उसी बीच अपूर्वा ने रोहित को वीडियो कॉल की। जिसमें अपूर्वा को वो महिला रोहित के साथ नजर आ गई। वे दोनों शराब पी रहे थे। माना ये भी जा रहा है कि दोनों आपत्तिजनक हालत में थे और रोहित ने नशे में कॉल रिसीव कर ली थी।इस घटना के बाद अपूर्वा का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा था। फोन पर भी दोनों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई थी।

रोहित की मां के मुताबिक वो अगले दिन 16 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे वो वापस डिफेंस कालोनी वाले घर पर आईं तो अपूर्वा ने बताया कि रोहित अभी सो कर नहीं उठा है। इसके बाद उज्जवला ड्राइवर अखिलेश और राजीव के साथ मैक्स अस्पताल चली गईं। मगर वो अभी अस्पताल के गेट पर पहुंची ही थीं कि करीब 4.30 बजे उज्जवला के पूर्व कर्मचारी रमेश का कॉल आया और उसने बताया कि रोहित की तबीयत बिगड़ गई है उज्जवला खुद एंबुलेंस लेकर घर पहुंचीं तो अपूर्वा अपने पति रोहित को कार में लिटा रही थी। मगर फिर एंबुलेंस से रोहित को अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

रोहित की अचानक मौत से घर वाले हैरान तो थे, पर सबको यही लगा कि मौत नैचुरल है।लेकिन तीन दिन बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो सारी कहानी पलट गई। 19 अप्रैल को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि रोहित की मौत दम घुटने से हुई है।गले पर निशान भी मिले हैं।

जांच पड़ताल में पुलिस ने मौके पर जाकर रोहित के कमरे का जायजा लिया। सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही थी. घर के अपूर्वा समेत नौकरों को मिलाकर कुल 6 लोग पुलिस के रडार पर थे।  दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के हवाले की जा चुकी थी। पूछताछ में पता चला कि वारदात से पहले रोहित और अपूर्वा के बीच झगड़ा हुआ था

क्राइम ब्रांच की टीम अपूर्वा से पूछताछ करती रही।लेकिन अपूर्वा लगातार अपने बयान बदलती रही। इसी वजह से उस पर पुलिस का शक गहरा गया था. तभी पता चला कि उस रात रोहित और अपूर्वा के रोहित की उसी महिला मित्र को लेकर झगड़ा हुआ था, जिसके साथ अपूर्वा ने रोहित को शराब पीते हुए देख लिया था।

इसी दौरान पुलिस ने अपूर्वा के नाखूनों और बालों का नमूने की जांच के बाद  सैंपल पॉजीटिव पाए गए और अपूर्वा के सामने सच बोलने के अलावा कोई चारा नहीं रहा। तब उसने पुलिस को बताया कि कत्ल वाली रात अपूर्वा और रोहित के बीच पहले झगड़ा हुआ और फिर हाथापाई होने लगी। उसने रोहित का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने की कोशिश की और फिर सोने के लिए अपने कमरे में चली गई। इस तरह से इस कहानी और रोहित शेखर तिवारी का अंत हो गया।

.हमारा Youtube  चैनल Subscribe करें http://www.youtube.com/c/UttarakhandPost

हमें ट्विटर पर फॉलो करें –https://twitter.com/uttarakhandpost

हमारा फेसबुक पेज लाइक करें – https://www.facebook.com/Uttrakhandpost