#SmartCity | तो ऐसे बनेगा देहरादून स्मार्ट ?

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CM Photo 06 dt. 31 January, 2016 (1)उत्तराखण्ड सरकार स्मार्ट सिटी के लिए अगले चरण में ग्रीन फील्ड के आधार पर देहरादून के चयन के लिए पुनः प्रस्ताव करेगी। यदि भारत सरकार के स्तर से यह स्पष्ट हो जाता है कि आगे भी ग्रीन फील्ड पर प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाएगी तो देहरादून के लिए रेट्रोफिटिंग के विकल्प पर विचार किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम सहित सभी स्टेक होल्डर से बात की जाएगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आला अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी के मामले पर मंथन किया गया कि स्मार्ट सिटी के लिए देहरादून का चयन किन कारणों से नहीं हो पाया और आगे क्या नीति अपनाई जाए।

हरीश रावत ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए प्रस्ताव तीन आधार पर तैयार किया जा सकता था। पहला रिडेवलपमेंट, इसमें आवश्यकतानुसार पुराने निर्माण कार्यों को ध्वस्त करके नया निर्माण किया जाता या मोडिफाई किया जाता। परंतु इसके लिए आवश्यक शर्त यह थी कि इसमें शत प्रतिशत प्रभावित लोगों से लिखित में सहमति लेनी होती जो कि देहरादून में सम्भव प्रतीत नहीं हो रहा था। दूसरा विकल्प रेट्रोफिटिंग का था। इसमें पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम व लोकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को लिया जाना था। देहरादून में विभिन्न योजनाओं के तहत पेयजल, सीवरेज व ड्रेनेज का काम पहले से ही चल रहा है। जबकि लोकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम में मेट्रो तभी लाभदायक होती जबकि इसमें हरिद्वार व ऋषिकेश को देहरादून से जोड़ा जाता। परंतु स्मार्ट सिटी में केवल देहरादून को शामिल कर सकते थे। इसलिए रेट्रोफिटिंग में जाने से भी कोई लाभ नही होता। भारत सरकार द्वार प्रारम्भ में ग्रीनफील्ड को महत्व दिया जा रहा था। सभी विकल्पों पर विचार के बाद ग्रीनफील्ड विकल्प को अपनाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए चयनित गए 20 शहरों में किसी का भी प्रस्ताव ग्रीनफील्ड पर आधारित नहीं था। अन्य राज्यों के साथ ही उत्तराखण्ड के संबंधित अधिकारियों को अगले चरण के लिए चर्चा के लिए बुलाया जा रहा है। इस दौरान हम केन्द्र सरकार से उत्तराखंड के स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव में रह गई कमियों की जानकारी लेकर उनको दुरुस्त करने पर भी ध्यान देंगे। साथ ही केन्द्र सरकार के इस बारे में दृष्टिकोण भी देखा जाएगा कि क्या आगे भी ग्रीन फील्ड प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा या नहीं। यदि यह स्पष्ट हो जाता है कि आगे भी ग्रीन फील्ड पर प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाएगी तो देहरादून के लिए रेट्रोफिटिंग के विकल्प पर विचार किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम सहित सभी स्टेक होल्डर से बात की जाएगी।