सिर दर्द से परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंचा शख्स, MRI में पता चला 14 साल से दिमाग में पल रहे थे कीड़े

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) 14 साल से तेज सिरदर्द झेल रहा एक व्यक्ति उस वक्त सकते में आ गया जब उसे पता चला कि उसका दिमाग कीड़ों का घर बन गया है। दरअसल, टेक्सास में रहने वाले 40 वर्षीय गेरार्डो मॉक्टेजुमा शुरुआत में तेज सिरदर्द होता था। बर्दाश्त के बाहर इस दर्द के साथ उन्हें उल्टियां होती थी और तेज चक्कर आता था। इस दर्द से राहत पाने के लिए जब गेरार्डो ने डॉक्टर्स से इसकी जांच कराई तो पता चला कि उसके दिमाग में लगभग 14 साल से कीड़े (टेपवॉर्म) पल रहे थे, जो अब धीरे-धीरे उसे मौत की तरफ लेकर जा रहे थे।

गेरार्डो के दिमाग में कीड़े प्रवेश कर चुके थे और उनके अंडे देने से उसकी समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही थी। एसेंशन सेटन मेडिकल सेंटर के न्यूरॉलॉजिस्ट जॉर्डन अमाडियो ने बताया कि हमें समय रहते गेरार्डो की जान बचा ली। एमआरआई के जरिए पता चला कि कीड़े उसके दिमाग की चौथी वेंट्रिकल में दाखिल हो चुके हैं जिससे दिमाग को वो हिस्सा सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूड से भर गया था। डॉक्टरों के मुताबिक अगर गेरार्डो का इलाज न किया जाता तो जल्दी ही उसकी मौत भी हो सकती थी।

बताया गया कि गेरार्डो के दिमाग में यह कीड़ा काफी वक्त से था। यह कीड़ा पहले शरीर में दाखिल हुआ होगा और फिर दिमाग तक पहुंचा होगा। उनके दिमाग में कीड़ा उस वक्त दाखिल हुआ होगा जब वह मेक्सिको में रहते थे। यहां इलाज के लिए आने से करीब 14 साल पहले ही वह अमेरिका आए थे।

फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी के डायरेक्टक डॉक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया, मांस, फूलगोभी और कुछ फलों को खाने से टेपवर्म का कीड़ा पेट के रास्ते मस्तिष्क में चला जाता है. वहां पर अंडे देना शुरू कर देता है।

समय पर इलाज न मिलने से यह जानलेवा भी हो सकता है। अंडे की वजह से अक्सर सेंट्रल नर्व के जरिए न्यूरोसिस्टीसरकोसिस, कंकाल की मांसपेशियों, आंखों और त्वचा प्रभावित होने लगते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गैनाइजेशन (WHO) ने केंद्रीय नर्वस सिस्टम में टेपवर्म इन्फेक्शन के होने को मिर्गी की सबसे बड़ी वजह बताया है।

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