उत्तराखंड सरकार के तीन साल | मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने इसे बताया अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने तीन साल पूरे कर लिए हैं। सरकार के तीन साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार के तीन साल पूरे होने पर मैं प्रदेश की जनता को हृदय से बधाई और धन्यवाद देता हूं। जनता ने हम पर जो विश्वास जताया है, हम उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आगे हम और ज़ोरदार प्रयास करेंगे और प्रदेश के विकास में और तेज़ी लाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा रहा है। मैं मानता हूं गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करना साल तीन साल में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। हमने प्रदेश के सभी नागरिकों की भावनाओं का सम्मान किया है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए सरकार ने सभी पक्षों से बातचीत के बाद चारधाम देवस्थानम बोर्ड के गठन का फैसला लिया। आगामी चारधाम यात्रा देवस्थानम बोर्ड के अधीन होगी। इसमें सभी हक हकूकधारियों के हितों का ख्याल रखा गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन हमारा मूल मंत्र रहा है। आज भी हम इस मंत्र पर कायम हैं। जीरो टॉलरेंस के चलते गड़बड़ी करने वाले छोटे से लेकर बड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। तीन साल में राज्य में कामकाज का साफ सुथरा माहौल बनाने के प्रयास हुए हैं।

त्रिवेंद्र ने कहा कि मेरा मानना है कि जनता का हित सर्वोपरि होता है। हमारी सरकार ने सर्वे भवंतु सुखिन: के भाव से अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लागू की, जिसमें प्रदेश के सभी परिवारों को ₹5 लाख तक निशुल्क इलाज दिया जा रहा है। जनता की दिक्कतों को देखते हुए समय समय पर इसमें बदलाव भी किए।

राज्य बनने के बाद 17 साल में करीब ₹39 हजार करोड़ का निवेश उत्तराखंड आया था। हमने पहली बार इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जिसमें सवा लाख करोड़ के एमओयू हुए और मात्र डेढ़ महीने में ₹21हजार करोड़ के प्रोजेक्ट ग्राउंडेड हो चुके हैं।

सीएम ने कहा कि पीएम मोदी का  का उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव रहा है। आज केंद्र के सहयोग से राज्य में करीब ₹94 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। मैं समझता हूं आने वाले समय में ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड की तस्वीर बदल देंगे।

पर्यटन को प्रोत्साहन, ग्रोथ सेंटर, ग्रामीण विकास एंव पलायन आयोग, सोलर और पिरूल प्रोजेक्ट, होम स्टे से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा, ये तमाम वो प्रयास हैं जिनसे भविष्य में पलायन रोकने में मदद मिल सकेगी और लोग स्वरोजगार के लिए अपने घरों की तरफ लौटने लगेंगे।

पर्यटन ऐसा क्षेत्र है जहां सबसे अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है, इसिलए हमारी सरकार ने पर्यटन के विस्तार पर विशेष फोकस किया है। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को पर्यटन से जोड़ना चाहते हैं। 

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