प्रदेश के सीमांत जिलों में तेज होंगे विकास कार्य

Uttarakhand.svgमुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने गुरूवार को सचिवालय में सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के प्रगति की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बीएडीपी के जिलों उधमसिंहनगर, चंपावत, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को मार्च अंत तक वर्ष 2016-17 की योजना का प्रस्ताव देने के लिए निर्देश दिए गये।

मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार कोई भी योजना 05 लाख रूपये से कम की धनराशि की नहीं होगी। प्राथमिकता के आधार पर शून्य से 10 किमी के गांवों को फिर 10-20 किमी दूरी के गांवों को संतृप्त किया जायेगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी में इस बात पर भी ध्यान किया जाय कि प्रस्तावित कार्य किसी अन्य योजना में शामिल नहीं है। प्रस्तावित कार्य योजना बनाते समय भूमि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाय। जिलाधिकारी समय-समय पर निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की जांच के लिए टीम का गठन करेंगे। नये दिशा निर्देश के अनुसार अवस्थापना, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक क्षेत्र, शिक्षा, खेल गतिविधियां, खास योजनाओं, मरम्मत आदि के लिए बजट प्रतिशत तय किया गया है। गाइड लाइन्स के मुताबिक ही कार्य योजना बनाई जाय। इसके अलावा मुख्य सचिव ने वर्ष 2015-16 के चल रहे कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और समय से उपभोग प्रमाण पत्र भेजने के निर्देश दिये।