“शासन जनता के लिए होता है, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो”

GOVERNORउत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने समाधान पोर्टल के अंतर्गत दर्ज जन शिकायतों के निस्तारण के संदर्भ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिलाधिकारियों से जानकारी ली। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन जनता के लिए होता है। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण इस प्रकार से हो, जिससे शिकायतकर्ता पूरी तरह से संतुष्ट हो। आधार कार्ड के लिए अधिकृत केंद्रों की सूची, निशुल्क प्राप्त होने वाली सेवाओं की जानकारी सहित जिलों को उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान अविलम्ब होना चाहिए, इसके लिए प्रक्रियागत कमियों को तुरंत दुरूस्त कर लिया जाए। साथ ही डॉ. पॉल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन की दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराएं। राज्यपाल ने टैंकरों द्वारा आपूर्तित पानी की गुणवत्त सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

इस दौरान राज्यपाल ने अल्मोड़ा की मुन्नी देवी द्वारा मनरेगा की मजदूरी प्राप्त न होने की शिकायत को गम्भीर बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की प्रक्रियागत कमी को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। बताया गया कि अनेक स्थानों पर बैंक शाखाएं न होने से लाभार्थियों के खाते पोस्ट आफिस में हैं। मुन्नी देवी की मजदूरी का भुगतान प्रशासन द्वारा पोस्ट आफिस को भेज दिया गया है परंतु पोस्ट आफिस सीबीएस न होने से मुन्नी देवी को भुगतान नहीं कर पाया है। राज्यपाल ने कहा कि ऐसे और भी मामले होंगे। चीफ पोस्ट मास्टर के सहयोग से इस तरह के मामलों के निस्तारण का प्रयास किया जाए। साथ ही ऐसे मामलों की लिस्ट शासन में भेजी जाए।

अल्मोड़ा के चंद्रा की झाझर गांव में बिजली न आने की शिकायत दर्ज कराई गई। जिस पर बताया गया कि वहां ट्रांसफार्मर परिवर्तीत कर दिया गया है। अब वहां बिजली निर्बाध रूप से आ रही है। वहीं नैनीताल के दीपक पांडे ने हल्द्वानी-जयपुर मार्ग पर ढ़ाबों पर ओवरचार्ज किए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी तो पौड़ी के हीरा सिंह ने राशन विक्रेता द्वारा अनियमितता किए जाने को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि उक्त राशन विक्रेता की दुकान निलम्बित कर दी गई है। जांच चल रही है।

राज्यपाल ने सभी जिलाधिकारियों को राशन की दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उत्तरकाशी के चंद्रवीर पोखरियाल द्वारा काम कराए जाने के बावजूद वन विभाग से भुगतान न किए जाने की शिकायत की थी। जिस पर बताया गया कि अब उनका भुगतान कर दिया गया है। ऊधमसिंह नगर के दीपेंद्र दीवाकर द्वारा काशीपुर चिकित्सालय द्वारा विकलांग प्रमाण पत्र न बनाए जाने की शिकायत की थी। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि दीपेंद्र का विकलांग प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है। ऊधमसिंह नगर के ही राहुल द्वारा आधार कार्ड बनवाने में अधिक शुल्क वसूल किए जाने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए राज्यपाल ने सचिव आईटी को आधार कार्ड के लिए अधिकृत केंद्रों की सूची, जिलाधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए। इसमें निशुल्क प्राप्त होने वाली सेवाएं व सशुल्क सेवाओं की दरों की जानकारी भी हो। जिलाधिकारी इस सूची को अधिकृत केंद्रों के बाहर चस्पा किया जाना सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में राज्यपाल के सलाहकार, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।