दुर्घटना मुक्त हो चारधाम यात्रा मार्ग, राज्यपाल ने दिए निर्देश

Captureउत्तराखंड में सुरक्षित चार धाम यात्रा को लेकर राज्यपाल डॉ के के पॉल ने चारधाम यात्रा रूट के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों औऱ साथ ही लोक निर्माण विभाग को विशेष एहतियात/सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं अपने क्षेत्र में चारधाम यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करें और दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील/खतरनाक तथा दुर्घटना बाहुल्य सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता पर चिन्हित कर लें। साथ ही कहा कि उन स्थानों पर यातायात सतर्कता सम्बन्धी सभी आवश्यक संकेत लगाये जायें। सड़कों के किनारे जहां भी आवश्यक हो, क्रैश बैरियर्स व पैराफिट्स बनाने तथा मोड़ों पर सड़क चैड़ीकरण के साथ-साथ ओवरलोडिंग आदि रोकने के लिए सघन चैकिंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने यह भी कहा है कि स्थल निरीक्षण के दौरान चारधाम यात्रा मार्ग पर विगत वर्षों में हुई दुर्घटनाओं और उनके कारणों का परीक्षण कर उन्हें दूर करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध भी सुनिश्चित कर लिए जाएं।

 राज्यपाल ने अधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्ग के स्थलीय निरीक्षण तथा कारणों के बाद  अपनाई गई सावधानियों एवं सुधारों की विस्तृत रिपोर्ट 10 अप्रेल तक देने को कहा है।

गौरतलब है कि चारधाम यात्रा मई माह में उत्तराखंड के चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही शुरु हो जाती है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु चार धाम यात्रा पर उत्तराखंड आते हैं। ऐसे में चार धाम यात्रा मार्ग पर दुर्घटनाओं ना हो इसको लेकर राज्यपाल ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए हैं।

वहीं राज्यपाल ने सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित/न्यूनतम करने के लिए पुलिस प्रशासन व यातायात विभाग को भी संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ड्रंकन ड्राईविंग/नशे की हालत में वाहन संचालन पर सख्त नियंत्रण, ओवरलोडिंग, वाहनों की फिटनैस, बस चालकों के समुचित प्रशिक्षण, उनके ड्यूटी के घंटे मानकानुसार निर्धारित करने तथा चालकों के फिजिकल फिटनेस पर विभाग द्वारा विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाए।

राज्यपाल ने गुरुवार को सचिवालय में अपने कक्ष में देहरादून के मेयर विनोद चमोली सहित दो दर्जन से अधिक लोगों से भेंट की। राज्यपाल ने जन- समस्याओं को सुना, समझा और उनके निस्तारण के लिए समुचित कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

राज्यपाल ने देहरादून के मेयर का ध्यान शहर की स्वच्छता की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को अधिक मुस्तैदी से संचालित करने की आवश्यकता है। मेयर द्वारा शहर की स्वच्छता में आ रही समस्याएं बताये जाने पर राज्यपाल ने कहा कि देहरादून की छवि स्वच्छ व सुन्दर शहर के रूप में स्थापित करने के लिए समस्याओं का परीक्षण कर समाधान निकाला जाना होगा।