फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले होगा बागी विधायकों की किस्मत का फैसला

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nainital hcनैनीताल हाईकोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हाईकोर्ट 9 मई को सुबह सवा दस बजे इस पर अपना फैसला सुनाएगा। इसके अगले दिन यानि 10 मई को उत्तराखंड विधानसभा में हरीश रावत को बहुमत साबित करना है। इस लिहाज से हाईकोर्ट के इस फैसले पर सबकी निगाहें होंगी। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता बर्खास्त विधायकों के वकील सीए सुंदरम ने न्यायालय से कहा कि सदन में विधायकों का आक्रोश उन्हे अयोग्य करार देने का कारण नहीं बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बर्खास्तगी के लिए कोई ठोस वजह होनी चाहिए। इस लिहाज से हाईकोर्ट के इस फैसले पर सबकी निगाहें होंगी। (पढ़ें – हरीश रावत ने किया बहुमत का दावा, कहा- 10 मई को जीतेंगे विश्वास मत)

गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल ने 27 मार्च को आदेश जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित नौ बागी विधायकों की सदस्यता निरस्त कर दी थी। बागियों ने विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। (पढ़ें – क्या है गणित ? हरीश रावत बहुमत साबित कर पाएंगे या नहीं !)

इन बागियों पर होना है फैसला

कांग्रेस के जिन बागी विधायकों की सदस्यता को लेकर फैसला होना है उनमें विजय बहुगुणा, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, प्रदीप बतरा, प्रणव सिंह, शैला रानी रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल, सुबोध उनियाल और उमेश शर्मा के नाम शामिल हैं।

10 मई को होना है फ्लोर टेस्ट

इससे पहले शुक्रवार को उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने प्रदेश में फ्लोर टेस्ट पर सहमति दे दी थी, जिसके बाद कोर्ट ने उत्तराखंड मे फ्लोर टेस्ट के लिए 10 मई की तारीख तय की है।  एटॉर्नी जनरल ने मुकुल रोहतगी ने कहा कि केंद्र सरकार अदालत के सुझावों के तहत राज्य में फ्लोर टेस्ट के लिये तैयार है। केंद्र ने अदालत से एक पर्यवेक्षक नियुक्त करने को कहा जो रिटायर्ड मुख्य चुनाव आयुक्त हो। एटॉर्नी जनरल ने कहा कि फ्लोर टेस्ट कराए जाने के मामले में एक दो दिनों के अंतर तौर तरीकों पर फैसला कर लिया जाएगा।

बागी विधायकों को वोटिंग की इजाजत नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हरीश रावत को पहले शक्ति परीक्षण को मौका मिलेगा। 9 बागी विधायकों को वोटिंग की इजाजत नहीं होगी। कांग्रेस के नौ अयोग्य विधायक विश्वास प्रस्ताव में मतदान नहीं कर सकते। अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए पूर्व-सीईसी अथवा पूर्व न्यायाधीश को पर्यवेक्षक बनाये जाने की बात कही। जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा में शक्ति परीक्षण 10 मई को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक होंगे। इस दिन उत्‍तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।