80 के दशक में ड्राइवर की वजह से बम धमाके में ऐसे बची थी शीला दीक्षित की जान

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नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) दिल्ली की पूर्व सीएम और सीनियर कांग्रेस लीडर शीला दीक्षित का निधन हो गया है। शीला दीक्षित 1998 से 2013 तक तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं।

शीला दीक्षित 80 के दौर में पंजाब में चुनाव कैंपेन के दौरान बम धमाके में बाल-बाल बची थीं। इसका जिक्र शीला दीक्षित ने अपनी किताब सिटिजन दिल्ली, माय टाइम्स माय लाइफ में भी किया था।

किताब के मुताबिक 25 सितंबर 1985 में ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद पंजाब में चुनाव होने वाले थे। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रचार करने के लिए उन्हें पंजाब भेजा गया था। रैली के बाद शीला दीक्षित बटला से अमृतसर के लिए रवाना हो रही थीं।

शीला दीक्षित की कार में बिहार के सांसद और उनका ड्राइवर था। दोपहर एक बजे शीला दीक्षित के ड्राइवर ने खाना खाने के लिए अपनी गाड़ी एक रेस्त्रां में रोकी। शीला दीक्षित अंदर कोल्ड ड्रिंक पी रही थी, तभी उन्हें धमाके की आवाज सुनाई दी।

शीला दीक्षित ने बाहर देखा कि ये धमाका उसी कार में हुआ है जिसमें कुछ वक्त पहले वह बैठी थी। इस कार के पास मौजूद दो बच्चों की मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस ने बाद में बताया कि उनकी कार में टाइम बम था।

शीला दीक्षित की गाड़ी यदि उस दिन ड्राइवर ने खाना खाने के लिए नहीं रोकी होती तो गाड़ी में सवार तीनों लोगों के चिथड़े उड़ गए होते। हालांकि, इस धमाके के बावजूद उन्होंने चुनाव प्रचार की सारी जिम्मेदारियां निभाई।

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