सरकारी कॉलेजों में सौ प्रतिशत फैकल्टी सुनिश्चित की जा रही है: त्रिवेन्द्र

देहरादून (उत्तराखंड पोस्टमुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को देहरादून में डीआईटी यूनिवर्सिटी के द्वितीय दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को उपाधि दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान व तकनीकी के छात्र रिस्पना पुनर्जीवीकरण व पानी की कमी को दूर करने जैसी समस्याओं की समाधान हेतु तकनीकी का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है, इस पर विचार करे।

राज्य में मलेथा स्थित वीर माधो सिंह भण्डारी द्वारा निर्मित लगभग 400 साल पुरानी ऐतिहासिक टनल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आज के तकनीकी विशेषज्ञो व इंजीनियरों को इसका अध्ययन करना चाहिए, यह एक इंजीनियरिंग का अद्वितीय उदाहरण है। यह टनल किस प्रकार 400 वर्ष बाद भी सिंचाई में सहायता कर रही है, यह अध्ययन का विषय है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीकी व इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं मात्र भवनों के निर्माता नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवता सुधार हेतु निरन्तर प्रयासरत है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी विश्वविद्यालयों के 40 विद्यार्थियों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ संवाद व अध्ययन भ्रमण का अवसर देने का निर्णय लिया गया है। सरकारी कालेजों में सौ प्रतिशत फैकल्टी सुनिश्चित की जा रही है। जल्द ही अम्बै्रला एक्ट के तहत उच्च शिक्षा की गुणवता में और अधिक सुधार होगा।

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