बड़ी खबर | उत्तराखंड आ रहे है नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार 

हिमालयी राज्य उत्तराखंड में केंद्रपोषित योजनाओं के माध्यम से अवस्थापना विकास की गति तेज की जा सकती है। साथ ही इन योजनाओं को जमीन पर उतारने में पेश आने वाली दिक्कतों को दूर करने में केंद्र सरकार भी रुचि ले रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के दौरे से राज्य को उम्मीदें बंधी हैं। राज्य के पास खुद के संसाधन बेहद सीमित हैं। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की लागत भी ज्यादा आ रही है। ऐसे में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का जिम्मा केंद्रपोषित योजनाओं पर आ चुका है।

 
 
rajeev
 

देहरादून (नैनीताल)(उत्तराखंड पोस्ट) हिमालयी राज्य उत्तराखंड में केंद्रपोषित योजनाओं के माध्यम से अवस्थापना विकास की गति तेज की जा सकती है। साथ ही इन योजनाओं को जमीन पर उतारने में पेश आने वाली दिक्कतों को दूर करने में केंद्र सरकार भी रुचि ले रही है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के दौरे से राज्य को उम्मीदें बंधी हैं। राज्य के पास खुद के संसाधन बेहद सीमित हैं। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की लागत भी ज्यादा आ रही है। ऐसे में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का जिम्मा केंद्रपोषित योजनाओं पर आ चुका है।

 

राज्य के सालाना और फिर अनुपूरक बजट में भी केंद्रीय योजनाओं के रूप में मिलने वाली मदद पर बड़ा भरोसा जताया गया है। राज्य के विकास के लिए ये भी जरूरी है कि इन योजनाओं का क्रियान्वयन मजबूती से हो। क्रियान्वयन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में राज्य की स्थिति सुधरी है। कोरोना काल में भी केंद्रपोषित योजनाओं और बाह्य सहायतित योजनाओं का बजट अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से इस्तेमाल हुआ है। अगले साल के लिए बननी है योजना अब अगले साल के लिए भी विकास योजनाएं तैयार की जानी हैंयह कार्य जितना पुख्ता तरीके से होगा, उतना ही केंद्रपोषित योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सकेगा।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार के चालू माह के पहले पखवाड़े में 3 दिनी दौरे को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग उपाध्यक्ष 8 ,9 व 10 अक्टूबर को उत्तराखंड में रहेंगे। सचिवालय में विभिन्न विभागों के साथ बैठक में वह अगले वर्ष के लिए विकास योजनाओं के निर्माण और वर्तमान में चालू योजनाओं के अधिक से अधिक सदुपयोग के लिए मार्गदर्शन देंगे।

सीएस कर रहे केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा मुख्य सचिव डा. एसएस संधु अगले वर्ष के लिए केंद्रपोषित योजनाओं में ली जाने वाली मदद के लिए खाका तैयार करने के निर्देश विभागों को दे चुके हैं। राज्य सरकार केंद्रीय योजनाओं की मासिक प्रगति की निगरानी कर रही है। खुद मुख्य सचिव सबसे कम प्रगति वाली 10 योजनाओं की मासिक समीक्षा करने की घोषणा कर चुके हैं। नीति आयोग के साथ बैठक में केंद्र से विभिन्न योजनाओं में लंबित अगली किस्त को जल्द जारी करने के संबंध में भी चर्चा होगी।

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