उत्तराखंड में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ा, AIIMS में 8 नए केस मिले, संक्रमितों की संख्या हुई 25

उत्तराखंड में कोरोना का कहर पहले ही बढ़ता जा रहा है, अब ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस के आठ नए मरीज मिले हैं। सभी संक्रमितों को ब्लैक फंगस वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
 
उत्तराखंड में ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ा, AIIMS में 8 नए केस मिले, संक्रमितों की संख्या हुई 25

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना का कहर पहले ही बढ़ता जा रहा है, अब ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस के आठ नए मरीज मिले हैं। सभी संक्रमितों को ब्लैक फंगस वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक AIIMS में अब तक 25 कोविड संक्रमितों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। एक दिन पहले शुक्रवार को ब्लैक फंगस संक्रमित देहरादून निवासी 36 वर्षीय युवक की मौत हो चुकी है। 

AIIMS ऋषिकेश के ईएनटी विभाग के डॉ. अमित त्यागी ने बताया कि एम्स में भर्ती आठ नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि छह संक्रमित उत्तरप्रदेश और दो उत्तराखंड के निवासी हैं। देहरादून जिले के ऋषिकेश के श्यामपुर निवासी 36 वर्षीय पुरुष और ऊधमसिंह नगर निवासी 35 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया गया है।

डॉ. अमित त्यागी ने बताया एम्स की 15 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम संक्रमितों की निगरानी और उपचार कर रही है। इसके साथ डायबिटीज जैसी हाई रिस्क श्रेणी की बीमारी से ग्रस्त अन्य संक्रमितों की अनिवार्य रूप से ब्लैक फंगस की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सभी संक्रमितों को ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए बनाए गए विशेष वार्ड में रखा है। मरीजों में संक्रमण बढ़ने की स्थिति में सर्जरी विभाग की टीम को तैयार रखा गया है। डॉ. अमित त्यागी ने बताया 13 संक्रमितों की आंखों की सर्जरी अब तक की जा चुकी है। 

देहरादून के DM डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों की बैठक लेते हुए ये निर्देश दिए कि ब्लैक फंगस से संक्रमित सभी मरीजों का एक ही अस्पताल में उपचार किया जाए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में न रखा जाए। इससे अन्य मरीजों भी संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। उन्होंने सीएमओ को कहा कि ब्लैक फंगस के रोगियों का पूरा ब्योरा जुटा लिया जाए। 

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