मुश्किल वक्त में देवदूत बनी उत्तराखंड पुलिस, PPE किट पहनकर संक्रमित को पहुंचाया अस्पताल

कोरोना काल में जहां लोग संक्रमण के डर के चलते एक-दूसरे की मदद करने से हिचकिचा रहे है, तो वहीं उत्तराखंड पुलिस लगातार लोगों की मदद को आगे आ रही है। कोविड-19 संक्रमण के दौरान आम जनमानस की सहायता हेतु कोतवाली ऋषिकेश पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। अब हेल्पलाइन नंबर पर कॉलर द्वारा तीसरी बार सहायता मांगने पर ऋषिकेश के चीता पुलिस कर्मचारी गणों द्वारा व्यवस्था न होने पर स्वयं पी.पी.ई. किट पहनकर करोना पीड़ित को एम्स में भर्ती कराया गया।
 
मुश्किल वक्त में देवदूत बनी उत्तराखंड पुलिस, PPE किट पहनकर संक्रमित को पहुंचाया अस्पताल

ऋषिकेश (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में देश में पहली बार कोरोना के चार लाख से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 4,01,993 नए कोरोना केस आए और 3523 संक्रमितों की जान चली गई है।

वहीं उत्तराखंड में भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। शुक्रवार को प्रदेश भर में कोरोना के 5654 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 186772 पहुंच गई है। वहीं 122 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।

कोरोना काल में जहां लोग संक्रमण के डर के चलते एक-दूसरे की मदद करने से हिचकिचा रहे है, तो वहीं उत्तराखंड पुलिस लगातार लोगों की मदद को आगे आ रही है। कोविड-19 संक्रमण के दौरान आम जनमानस की सहायता हेतु कोतवाली ऋषिकेश पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। अब हेल्पलाइन नंबर पर कॉलर द्वारा तीसरी बार सहायता मांगने पर ऋषिकेश के चीता पुलिस कर्मचारी गणों द्वारा व्यवस्था न होने पर स्वयं पी.पी.ई. किट पहनकर करोना पीड़ित को एम्स में भर्ती कराया गया।

जानकारी के मुताबिक 28 अप्रैल को उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर पुलिस को एक कॉल प्राप्त हुई। जिसमें काँलर द्वारा परिवार के तीन सदस्यों जिनमें वह स्वंय, उनकी पत्नी (वरिष्ठ नागरिक) एंव एक बेटी है, सभी गम्भीर रुप से बीमार है। घर पर कोविड-19 टेस्ट करवाने की आवश्यकता है। दिनांक 28.04.2021 को काँलर की मदद करते हुए प्रभारी निरीक्षक, महोदय द्वारा तत्काल् राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश से सम्पर्क कर काँलर के तीनो परिवारजन का घर पर कोविड टेस्ट करवाया गया जिसमें उक्त तीनो कोरोना पॉजिटिव पाये गये।

इसके बाद 29 अप्रैल को पुनः काँलर द्वारा पुनः काँल कर बताया गया की उनकी बेटी को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसलिए आक्सीजन सिलेण्डर एंव आक्सीजन देने के लिए प्रशिक्षित व्यक्ति की आवश्यकता है। जिसपर पुनः प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश महोदय द्वारा कोतवाली ऋषिकेश के हेल्पलाइन में नियुक्त पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑक्सीजन सिलेण्डर एंव प्रशिक्षित कर्मी की व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर हेल्पलाइन की टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत समस्त आक्सीजन सप्लायर के साथ वार्ता कर एक प्राइवेट ऑक्सीजन एजेंसी के कर्मचारी को लेकर तत्काल उपरोक्त कॉलर के आवास पर जाकर ऑक्सीजन लगवाई गई। जिससे ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीज को राहत प्राप्त हुई है।

  

फिर 30 अप्रैल  को पुनः उपरोक्त कॉलर द्वारा सूचना दी गई कि अब ऑक्सीजन से भी राहत नहीं मिल रही है, तबीयत अधिक बिगड़ गई है एवं करोना पॉजिटिव होने के कारण आस-पड़ोस से कोई मदद नहीं कर पा रहा है। इसकी सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश द्वारा हेल्पलाइन में नियुक्त कर्मचारी गणों एवं चीता मोबाइल पर नियुक्त कर्मचारी गणों को उपरोक्त बुजुर्ग व उनके परिवार की तत्काल सहायता हेतु कोविड-19 से सुरक्षा के मानकों को पूरा करते हुए पीपीई कित पहनकर बुजुर्ग की सहायता करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए। जिसपर चीता पुलिस पर नियुक्त कर्मचारी गण तत्काल बुजुर्ग के निवास पर पहुंचे। जहां आस- पड़ोस के बहुत लोग मौजूद थे। मगर कोविड-19 के डर से कोई भी सहायता करने हेतु उनके घर नहीं जा रहा था। एंबुलेंस में स्ट्रेचर की सुविधा न होने पर चीता पुलिस में नियुक्त कर्मचारी गणों द्वारा अपने स्वास्थ्य की परवाह ना करते हुए कोविड-19 से सुरक्षा के दृष्टिगत पी.पी.ई. किट पहनकर कोविड-19 से ग्रसित बुजुर्ग को आवास के प्रथम तल से गोद में उठा कर एंबुलेंस तक लाया गया एवं एम्स अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया। जहां तत्काल उनको चिकित्सीय सुविधा प्राप्त हुई वर्तमान समय में उनका स्वास्थ्य सही है।

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