Uttrakhandpost 12 banner 1
Utkarshexpress 1234 banner 2

उत्तराखंड | अस्पताल के कोविड वार्ड में दिखे ABVP कार्यकर्ता, जूस पिलाने का वीडियो वायरल

उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में एक बार फिर कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है। बीते 24 घंटे में प्रदेश भर में कोरोना के 6251 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 174876 पहुंच गई है। वहीं 85 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।
 
उत्तराखंड | अस्पताल के कोविड वार्ड में दिखे ABVP कार्यकर्ता, जूस पिलाने का वीडियो वायरल

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में एक बार फिर कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है। बीते 24 घंटे में प्रदेश भर में कोरोना के 6251 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 174876 पहुंच गई है। वहीं 85 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।

जहां एक तरफ लोग कोरोना के संक्रमण के डर से बीमार लोगों के आस-पास जाने से भी डर रहे है तो वहीं दूसरी तरफ राजधानी देहरादून से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। देहरादून के दून हॉस्पिटल के कोविड वार्ड में घुसकर पीपीईकिट पहने कुछ लोग कोविड पेशेंट का ऑक्सीजन पाइप हटाकर उनको जूस पिला रहे हैं। बताया गया कि ये लोग बीजेपी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विधार्थी परिषद, एबीवीपी के वर्कर्स हैं। कोविड में वार्ड में घूम-घूमकर कोविड पेशेंट को जूस पिलाने उनका वीडियो बनाने की तस्वीरें सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।

वैसे तो नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की गाइडलाइनस के अनुसार कोविड वार्ड जैंसे हाई रिस्क जोन में मेडिकल स्टॅाफ के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है लेकिन दून हॉस्पिटल में एबीवीपी के वर्कर्स न सिर्फ घूम रहे हैं, बल्कि मरीजों को जूस पिलाने का वीडियो भी बनाना कई सवाल खड़े कर रहा है। जब मरीजों के तीमारदारों तक को संक्रमण के डर और सुरक्षा के लिहाज से कोविड वार्ड में जाने की अनुमति नहीं है, तो फिर एबीवीपी के वर्कर्स को किसने और कैंसे कोविड वार्ड में जाने की इजाजत दे दी ?

दून मेडिकल कॉलेज के प्रिसिपल डा. आशुतोष सयाना का कहना है कि एबीवीपी के वर्कर्स को हॉस्पिटल कैंपस में व्यवस्थाएं बनाने में हेल्प करने की इजाजत दी गई थी। अब सवाल ये है कि ये लोग वार्ड में कैसे घुस गए। इनकी पीपीई किट पर बकायदा एबीवीपी का स्टीकर भी चस्पा किया गया है।

डीएम देहरादून आशीष कुमार श्रीवास्तव ने माना कि ये गंभीर लापरवाही है। इस तरह किसी बाहरी व्यक्ति को कोविड वार्ड में जाने की परमशिन नहीं दी जा सकती है। डीएम देहरादून ने पूरे मामले की जांच के आदेश कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस सरकार को घेर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दशौनी का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी को ज्यादा जवाबदेह होना चाहिए लेकिन, सिर्फ नंबर गेन करने के लिए इस हद तक चले जाना। दशौनी का कहना है कि ये चिंताजनक स्थिति है। राज्य सरकार को इस पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए।

दूसरी ओर बीजेपी ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप नेगी का कहना है कि एबीवीपी बीजेपी का संगठन नहीं है। एबीवीपी आरएसएस का आनुषांगिक संगठन है, लिहाजा संघ ही इस पर बीजेपी से बेहतर टिप्पणी कर सकता है।

From around the web