कोरोना के कहर के बीच AIIMS डायरेक्टर ने चेताया- न करें ये काम, वर्ना बढ़ जाएगा कैंसर का खतरा

एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने लोगों को सीटी स्कैन से अगाह करते हुए कहा- आजकल बहुत ज़्यादा लोग सीटी स्कैन करा रहे हैं। जब सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो उसे कराकर आप खुद को नुकसान ज़्यादा पहुंचा रहे हैं क्योंकि आप खुद को रेडिएशन के संपर्क में ला रहे हैं। इससे बाद में कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।
 
कोरोना के कहर के बीच AIIMS डायरेक्टर ने चेताया- न करें ये काम, वर्ना बढ़ जाएगा कैंसर का खतरा

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट)  देशभर में कोरोना के कहर के बीच अच्छा संकेत ये है कि लोग कोरोना से तेजी से ठीक भी हो रहे है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि देश में अब तक 81.77% मामले ठीक हुए हैं। देश में करीब 34 लाख सक्रिय मामलों की संख्या बनी हुई है। अब तक संक्रमण से 2 लाख के करीब मृत्यु दर्ज़ की गई है। पिछले 24 घंटे में देश में 3,417 लोगों की मृत्यु दर्ज़ की गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया- देश में 12 राज्य ऐसे हैं जहां 1 लाख से भी ज्यादा सक्रिय मामले हैं। 7 राज्यों में 50,000 से 1 लाख के बीच सक्रिय मामलों की संख्या बनी हुई है। 17 राज्य ऐसे हैं जहां 50,000 से भी कम सक्रिय मामलों की संख्या बनी हुई है।

गृह मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी ने बताया कि देश में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। एक अगस्त 2020 को ऑक्सीजन का उत्पादन देश में 5,700 मीट्रिक टन था, जो अब लगभग 9,000 मीट्रिक टन हो गया है। हम विदेशों से भी ऑक्सीजन का आयात कर रहे हैं।

वहीं एम्स के निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने लोगों को सीटी स्कैन से अगाह करते हुए कहा- आजकल बहुत ज़्यादा लोग सीटी स्कैन करा रहे हैं। जब सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो उसे कराकर आप खुद को नुकसान ज़्यादा पहुंचा रहे हैं क्योंकि आप खुद को रेडिएशन के संपर्क में ला रहे हैं। इससे बाद में कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।

उन्होंने सलाह दी कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोग अपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें। सेचुरेशन 93 या उससे कम हो रही है, बेहोशी जैसे हालात हैं, छाती में दर्द हो रहा है तो एकदम डॉक्टर से संपर्क करें। वायरस का म्यूटेंट कोई भी हो हम कोविड उपयुक्त व्यवहार रखें। वायरस इंसान से ही इंसान में फैल रहा है और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल भी वो ही हैं।

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