जिलाधिकारियों से मोदी की सीधी बात- कोरोना संक्रमण से पीड़ित बच्‍चों और युवाओं का डाटा जुटाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीकाकरण की रणनीति को लेकर केंद्र सरकार राज्यों से मिले सभी सुझावों को आगे बढ़ा रही है और इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को अगले 15 दिनों की टीकों की खुराक की सूचना उपलब्ध करा रहा है।

 
Narendra Modi

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से छत्‍तीसगढ़, हरियाणा, केरल, महाराष्‍ट्र, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के जिला अधिकारियों और जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों से संवाद किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीकाकरण की रणनीति को लेकर केंद्र सरकार राज्यों से मिले सभी सुझावों को आगे बढ़ा रही है और इसे ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को अगले 15 दिनों की टीकों की खुराक की सूचना उपलब्ध करा रहा है।

इस दौरान उन्‍होंने अफसरों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में कोरोना संक्रमण से पीड़ित बच्‍चों और युवाओं का डाटा जुटाएं और उसका आकलन करें। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस रूप बदलने में बेहद माहिर है, इसलिए इस पर कड़ी नजर रखनी होगी। निकट भविष्य में टीकों की आपूर्ति आसान होगी और इससे टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया को भी आसान बनाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों से संवाद के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पिछली महामारियां हों या कोरोना वायरस से पैदा हुई ताजा स्थिति, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है। उन्होंने कहा- महामारी से लड़ाई के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर नवोन्मेष बहुत ज़रूरी है। ये वायरस अपना स्वरूप बदलने में माहिर है या कहें कि यह बहुरूपिया तो है ही, धूर्त भी है इसलिए इससे निपटने के हमारे तरीके और हमारी रणनीति भी विशेष होनी चाहिए।

उन्होंने कहा- टीकाकरण की रणनीति में भी हर स्तर पर राज्यों और अनेक पक्षों से मिलने वाले सुझावों को शामिल करके आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ समय से देश में विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत मरीजों की संख्या कम होने लगी है लेकिन जब तक ये संक्रमण छोटे स्तर पर भी मौजूद है, तब तक चुनौती बनी रहती है।

उन्होंने कहा- कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच वायरस के स्वरूपों की वजह से अब युवाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिंता जताई जा रही है।प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिस तरह से वह जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं, इससे इस चिंता को गंभीर होने से रोकने में मदद मिली है लेकिन इसके बावजूद सभी को आगे के लिए तैयार रहना ही होगा।

उन्होंने कहा, ‘जीवन बचाने के साथ-साथ हमारी प्राथमिकता जीवन को आसान बनाए रखने की भी है। गरीबों के लिए मुफ्त राशन की सुविधा हो, दूसरी आवश्यक आपूर्ति हो, कालाबाज़ारी पर रोक हो, ये सब इस लड़ाई को जीतने के लिए भी जरूरी हैं, और आगे बढ़ने के लिए भी आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने इस संवाद के दौरान टीका की बर्बादी रोकने पर भी जोर दिया और कहा कि एक भी खुराक के व्यर्थ जाने का मतलब है, किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना।  उन्होंने कहा ‘इसलिए टीकों की बर्बादी रोकना जरूरी है।

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