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भारत में लॉकडाउन से ही रुकेगा कोरोना का कहर! US एक्सपर्ट डॉ फाउची ने दी राय

डॉक्टर एंथनी फाउची का कहना है कि जिस तेजी से भारत में कोरोना फैल रहा है और जिस तरह से कोरोना की इस दूसरी लहर के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, उस स्थिति में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इस मामले में कुछ हफ्तों का लॉकडाउन एक कारगर विकल्प हो सकता है। फाउची अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार भी हैं।

 
भारत में लॉकडाउन से ही रुकेगा कोरोना का कहर! US एक्सपर्ट डॉ फाउची ने दी राय

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में देश में पहली बार कोरोना के चार लाख से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 4,01,993 नए कोरोना केस आए और 3523 संक्रमितों की जान चली गई है।

वहीं अमेरिका के टॉप एपिडेमियोलॉजिस्ट में से एक डॉक्टर एंथनी फाउची का सुझाव है कि भारत में कुछ हफ्तों के लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण पर काबू किया जा सकता है। उनका ये सुझाव ऐसे वक्त में आया है जब देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 4 लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ उन्होंने कोरोना को रोकने के लिए अन्य सुझाव भी दिए हैं।

डॉक्टर एंथनी फाउची का कहना है कि जिस तेजी से भारत में कोरोना फैल रहा है और जिस तरह से कोरोना की इस दूसरी लहर के थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, उस स्थिति में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। इस मामले में कुछ हफ्तों का लॉकडाउन एक कारगर विकल्प हो सकता है। फाउची अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार भी हैं।

डॉक्टर फाउची ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि दवाओं, ऑक्सीजन, पीपीई किट की तत्काल आपूर्ति बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत के सामने जिस तरह का विशाल संकट है उस स्थिति में भारत को संकट से निपटने वाले समूहों को साथ लाने की जरूरत है ताकि कोरोना की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों को संगठित किया जा सके।

उन्होंने किसी सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि संकट पर काबू पाए बिना ‘समय से पहले विजय की घोषणा करना अपरिपक्वता है’। अभी भारत को सबसे पहले जो करने की जरूरत है वो है जितनी हद तक हो सके देश को अस्थाई तौर पर बन्द किया जाए। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए यदि तत्काल और दीर्घावधि में फल देने वाले कदम उठाने के लिए समय चाहिए तो उनके हिसाब से ये महत्वपूर्ण है।

फाउची ने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि लगभग साल भर पहले चीन में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्फोट हुआ था। उन्होंने पूरे देश को पूर्णतया बंद कर दिया था। हालांकि ये जरूरी नहीं है कि छह महीने के लिए लॉकडाउन लगाया जाए लेकिन तत्काल राहत के लिए जरूरी है कि लॉकडाउन को अस्थाई तौर पर तब तक के लिए लगाया जाए जब तक संक्रमण के इस चक्र को समाप्त ना कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से संक्रमण की रफ्तार कम होगी। कोई भी देश को बंद करना पसंद नहीं करता, लेकिन ये एक समस्या तब बनता है जब ये छह महीने तक चलता है, ऐसे में अस्थाई लॉकडाउन लगाने पर विचार होना चाहिए।

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