बच्चों के लिए कोविड-19 गाइडलाइन्स जारी, इन बातों का ध्यान रखना है बहुत जरूरी

कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बड़े-बुजुर्ग की ही नहीं बल्कि बच्चे भी तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने बच्चों के लिए कोविड 19 गाइडलाइन्स जारी किया है। जिसमें होम आइसोलेशन से लेकर जब हॉस्पिटल में एडमिट होना है सब बताया गया है।
 
बच्चों के लिए कोविड-19 गाइडलाइन्स जारी, इन बातों का ध्यान रखना है बहुत जरूरी

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में बड़े-बुजुर्ग की ही नहीं बल्कि बच्चे भी तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार ने बच्चों के लिए कोविड 19 गाइडलाइन्स जारी किया है। जिसमें होम आइसोलेशन से लेकर जब हॉस्पिटल में एडमिट होना है सब बताया गया है।  

बच्चों को कब करें होम आइसोलेट 

  • अगर बच्चे में माइल्ड लक्षण जैसे गले में खराश, कफ और सांस संबंधी समस्या नहीं रही है तो उसे होम आइशोलेशन में रखें और इस नियमों का पालन करे। 
  • शरीर को हाइड्रेट करने के लिए अधिक से अधिक पानी पिलाएं। 
  • बच्चे को फैमिली की तरफ से पूरा सपोर्ट दें।  उसकी ठीक ढंग से देखभाल करें। 
  • अगर बुखार आता है तो  10-15 एमी की पैरासिटामोल दें। 
  • अगर कुछ ज्यादा खतरनाक लक्षण समझ आ रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करे। 
  • हल्के लक्षण होने पर किसी भी तरह की एंटीबायोटिक न दें। 
  • बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 फूड्स, हर बीमारी से रहेंगे कोसों दूर

मॉडरेट कैटेगरी

  • इस कैटगरी में ऐसे बच्चों को शामिल किया गया है जिनका ऑक्सीजन लेवल कम है। अगर बच्चे को निमोनिया के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। 
  • मॉडरेट लक्षण वाले बच्चों को कोविड डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर में एडमिट किया जा सकता है। 
  • लिक्विड चीजें अधिक दें। जिससे वह डिहाइड्रेशन या फिर ओवरहाइड्रेशन से बचा रहे
  • एंटीपीयरेटिक के तौर पर पैरासिटामोल दें। 
  • अगर बैक्टीरियल इंफेक्शन है तो एमोक्सिसिलिन दें। 
  • अगर ऑक्सीजन सैचुरेशन 94% से कम  तो ऑक्सीजन लगा दें। 

कोरोना से गंभीर हालत है

  • अगर बच्चे को गंभीर निमोनिया की समस्या हो। इसके साथ ही आरडीएस
  • सेप्सिस, सेप्टिक शॉक हो या फिर ऑक्सीजन सैचुरेशन 90 से कम हो तो तुरंत आईसीय़ू में एडमिट करे।

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