उत्तराखंड | मकान पर गिरा मलबा, एक ही परिवार के 3 लोगों की दर्दनाक मौत

उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश आसमान से आफत बनकर बरस रही है। इस बीच बागेश्वर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आयी है। कपकोट तहसील के सुमगढ़ इलाके के सुमगढ़ ऐठाण गांव के अठाबड़ तोक में बारिश के कारण मकान के पीछे पहाड़ से मलबा आ गया। जिससे पूरा मकान दब गया। मलबे में दबने से परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
 
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बागेश्वर (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश आसमान से आफत बनकर बरस रही है। इस बीच बागेश्वर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आयी है। कपकोट तहसील के सुमगढ़ इलाके के सुमगढ़ ऐठाण गांव के अठाबड़ तोक में बारिश के कारण मकान के पीछे पहाड़ से मलबा आ गया। जिससे पूरा मकान दब गया। मलबे में दबने से परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

हादसे का बाद ग्रामीणों ने मलबे में दबे शवों को निकालना शुरू कर दिया है। मरने वालों में पति पत्नी और उनका एक बेटा शामिल बताए जा रहे हैं। एसडीआरएफ के मौके पर पहुंचने के बाद ही अधिक व पुष्ट जानकारी मिल सकेगी। मलबे में परिवार के पालतू पशु भी दबे हुए हैं। यह कितने है यह अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक कपकोट तहसील के अंतरगत आने वाले सुमगढ़ ऐठाण गांव के अठाबड़ तोक में रहने वाले गोविंद सिंह पुत्र प्रताप सिंह के मकान के पीछे शनिकृरविवार की आधी रात के बाद अचानक भूस्खलन हुआ और भारी मात्रा में तलबा मकान पर जा गिरा। हादसे के समय गोविंद सिंह उनकी पत्नी खष्टी देवी और बेटा हिमांशु सिंह घर पर सो रहे। मलबा मकान पर गिरा और पूरा मकान देखते ही देखते जमींदोज हो गया। मलबे में परिवार के तीनों सदस्य और गौशाला में बंधे उनके पशु दब गए।

आज सुबह ग्रामीणों ने उन्हें मलबे से निकालने का अभियान छेड़ा। उधर तहसीलदार को भी मामले की जानकारी दी गई। लेकिन एसडीआरएफ की टीम रास्ते बंद होने के कारण अभी तक मौके पर नहीं पहुंच सकी है। इस बीच ग्रामीणों द्वारा शव को ढूंढ निकालने की खबर है। ग्रामीणों का कहना है कि मलबे में दबे तीनों लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में कितने पशु दबे हैं यह अभी पता नहीं है। इस बीच कपकोट क्षेत्र से कई राजनैतिक दलों के लोग भी मौके के लिए रवाना हुए हैं लेकिन आए मलबे ने उनका रास्ता रोक रखा है।

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