सैनिकों के प्रति हमारी सरकार का और हमारी पार्टी का समर्पण किसी से छिपा नहीं है: धामी

धामी ने कहा- देवभूमि उत्तराखण्ड ने लाखों वीर सैनिक इस देश को दिये हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से ये दिखला दिया कि देवभूमि ना केवल समस्त विश्व को शान्ति का मार्ग दिखा सकती है, वरन शौर्य और वीरता को भी प्रदर्शित कर सकती है। एक सैनिक का पुत्र होने के नाते मेरे के लिए ये गर्व का विषय है कि मैं आप सबके समक्ष वीर सैनिकों को समर्पित इस कार्यक्रम में उपस्थित हूं। मैंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है, पर मैंने उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। मैंने उस मां-बाप का दर्द देखा है, जिसका बेटा सीमा पर देश की आन-बान के लिए लड़ रहा है। मैंने उस पत्नी के आंखों के आंसू देखे हैं जो पति के आने की बांट जोहते-जोहते कब बूढ़ी व बीमार हो जाती है, पता ही नही चलता।
 
DHami

 

चमोली (उत्तराखंड पोस्ट) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के सवाड़ में शहीद सम्मान यात्रा में शिरकत की। इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे सवाड़ की धरती को नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं वीरों की इस धरती को प्रणाम करता हूं।

धामी ने कहा- प्रथम विश्वयुद्ध हो, द्वितीय विश्व युद्ध हो, पेशावर कांड हो, देश की आजादी की लड़ाई हो या आजादी के बाद के युद्ध हों, इस धरती के वीरों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपना कौशल दिखाया है और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। ये वीरों की वीरता ही है जो ये सुनिश्चित करती है कि कोई भी राष्ट्र शान्तिपूर्वक अपनी उन्नति के मार्ग में अग्रसर हो। हर जगह सेना के वीर जवानों ने ये दिखा दिया कि भारत पर आक्रमण करना तो बहुत दूर की बात है, कोई आंख भी उठायेगा तो भारतीय सेना उसको मुंहतोड़ जवाब देगी।

धामी ने कहा- देवभूमि उत्तराखण्ड ने लाखों वीर सैनिक इस देश को दिये हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से ये दिखला दिया कि देवभूमि ना केवल समस्त विश्व को शान्ति का मार्ग दिखा सकती है, वरन शौर्य और वीरता को भी प्रदर्शित कर सकती है।

धामी ने कहा- एक सैनिक का पुत्र होने के नाते मेरे के लिए ये गर्व का विषय है कि मैं आप सबके समक्ष वीर सैनिकों को समर्पित इस कार्यक्रम में उपस्थित हूं। मैंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है, पर मैंने उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। मैंने उस मां-बाप का दर्द देखा है, जिसका बेटा सीमा पर देश की आन-बान के लिए लड़ रहा है। मैंने उस पत्नी के आंखों के आंसू देखे हैं जो पति के आने की बांट जोहते-जोहते कब बूढ़ी व बीमार हो जाती है, पता ही नही चलता।

मुख्यमंत्री ने कहा- मैंने उन बच्चों की सिसकती हुई किलकारियों को सुना है जो अपने पिता से गले मिलने को व्याकुल हों। कितना संघर्ष है एक सैनिक के जीवन में, परन्तु इसके बावजूद वो दृढ़ता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। वीर-शहीदों का सम्मान करने की योग्यता हम पर नही है, परन्तु उनको सम्मानित कर हम स्वयं को सम्मानित महसूस करते हैं।

धामी ने कहा- सैनिकों के प्रति हमारी सरकार का और हमारी पार्टी का समर्पण किसी से छिपा नहीं है। अटल जी का शासन रहा हो या वर्तमान में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय मोदी ​जी का शासन हो, हमने हमेशा ये चाहा है कि देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों व उनके परिवारों को उनका सही हक मिल सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। आज मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सेना ’’शठे शाठयं समाचरेत’’ के सिद्धांत का अनुसरण कर अपने सभी दुश्मनों के दांत खट्टे करने का माद्दा रखती है। हमारी केन्द्र की और राज्य की सरकार का प्रयास है कि हम शहीदों के अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखें।

धामी ने कहा- हम शहीद सैनिकों के सम्मान में सैन्य धाम के निर्माण कर आगामी पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करेंगे। केन्द्र सरकार सैनिकों का दर्द समझती है। यही वजह है कि हमने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई योजनाएं शुरू की गई हैं। सीमा पर केन्द्र सरकार ने ऑल वेदर रोड बनाई हैं। मेक इन इंडिया के तहत बुलेट प्रूफ जैकेट भारत में बन रही हैं।

धामी ने कहा- केन्द्र सरकार ने रक्षा सौदों में दलाली पूरी तरह से खत्म की है। वन रैंक, वन पेंशन की मांग वर्ष 1972 से थी, लेकिन इस पर ध्यान सिर्फ मोदी सरकार ने दिया, क्योंकि वे एक सैनिक का दर्द समझते ही नहीं हैं, बल्कि उसे दूर करने की कोशिश भी करते हैं। जब तक हम शहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड नही बना देते तब तक हम चैन से नही बैठेंगे। साथ ही मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम अंत्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को अवश्य पूरा करेंगे और 2025 तक उत्तराखण्ड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे।

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