उत्तराखंड | सेना में भर्ती के लिए पहुंचे सैकड़ों युवा, फिर पता चला कि भर्ती ही नही निकली

सेना में भर्ती होना का सपना हर युवा देखता है। हमारे देश में पूरे साल लाखों की संख्या में लाखों की संख्या में युवा भर्ती की तैयारी करते है, तांकि जब भी कहीं भर्ती निकले तो वह उसे भुना लें।
 
उत्तराखंड | सेना में भर्ती के लिए पहुंचे सैकड़ों युवा, फिर पता चला कि भर्ती ही नही निकली

चंपावत (उत्तराखंड पोस्ट) सेना में भर्ती होना का सपना हर युवा देखता है। हमारे देश में पूरे साल लाखों की संख्या में लाखों की संख्या में युवा भर्ती की तैयारी करते है, तांकि जब भी कहीं भर्ती निकले तो वह उसे भुना लें।

इस बीच उत्तराखंड से एक सनसनीखेज खबर सामने आयी है। रविवार देर शाम पिथौरागढ़ जाने के लिए अचानक सैकड़ों युवाओं की भीड़ टनकपुर बस स्टेशन पहुंची तो खलबली मच गई।

सूचना पर पुलिस फौरन बस स्टेशन पहुंची और युवाओं से पूछताछ की तो पता चला कि पिथौरागढ़ में हो रही सेना की भर्ती में शामिल होने के लिए वे मध्य प्रदेश के रीवा जिले से यहां पहुंचे हैं, लेकिन बाद में पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि पिथौरागढ़ बीआरओ में सेना की कोई भर्ती नहीं है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर पिथौरागढ़ में सेना भर्ती की झूठी खबर वायरल हो गयी। इसके बाद MP से सैकड़ो युवा यहां पहुंच गए। भर्ती के लिए उत्साहित युवाओं को जब भर्ती नहीं होने का पता चला तो वे मायूस होकर वापस घर लौटने को मजबूर हुए। 

पहले तो इतनी दूर से पहुंचे युवा पहले तो मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन जब चंपावत पुलिस की ओर से सोशल मीडिया में वायरल सेना भर्ती की झूठी सूचना की जानकारी के बारे में बताया गया तो उन्हें विश्वास हुआ। मजबूरन युवाओं ने टनकपुर के होटलों और फुटपाथों पर रात काटी और सुबह अपने घरों को लौटना शुरू हुए। 

टनक पहुंचे एक युवा ने बताया कि उसने व्हाट्सएप, यू ट्यूब आदि सोशल मीडिया पर पिथौरागढ़ में सेना भर्ती की सूचना पढ़ी थी, जिसमें 24 मार्च को मध्य प्रदेश के युवाओं की भर्ती होने की बात कही गई थी। बताया गया कि रीवा जिले से करीब सात सौ युवक भर्ती में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे थे।

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