बिना कोरोना रिपोर्ट और रजिस्ट्रेशन के नोएडा से नैनीताल पहुंच गए 4 युवक, बॉर्डर पर पुलिस चैकिंग में कैसे बचे?

कोरोना पर काबू पाने को उत्तराखंड में 25 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू है। कोरोना कर्फ्यू में उत्तराखंड में सख्ती बढ़ाई गयी है। दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने पर कोविट नेगेटिव रिपोर्ट और रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
 
बिना कोरोना रिपोर्ट और रजिस्ट्रेशन के नोएडा से नैनीताल पहुंच गए 4 युवक, बॉर्डर पर पुलिस चैकिंग में कैसे बचे?

नैनीताल (उत्तराखंड पोस्ट) कोरोना पर काबू पाने को उत्तराखंड में 25 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू है। कोरोना कर्फ्यू में उत्तराखंड में सख्ती बढ़ाई गयी है। दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने पर कोविट नेगेटिव रिपोर्ट और ई-रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

लेकिन इस बीच नैनीताल से हैरान करने वाली खबर सामने आयी है। एक तरफ सरकार और पुलिस प्रशासन दांवे कर रही है कि बॉर्डर पर पूरी सख्ती के साथ पहरेदारी की जा रही है। लेकिन यहां नैनीताल में नोएडा से चार लोग बिना कोरोना जांच और बिना रजिस्ट्रेशन किये घूमने पहुंच गए। मामला सामने आने के बाद चारों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए कार भी सीज कर लिया गया।

जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार की है। ज्योलीकोट के पास पुलिस ने कार यूपी14सीएन 8005 को रोका तो कार वाला सकपका गया और उसने कार नैनीताल की ओर भगा दी। ऐसे में पुलिस को उन पर शक हो गया। कार भागने की सूचना ज्योलीकोट पुलिस ने तल्लीताल थाने में दी।

इसके बाद तल्लीताल चौराहे पर पुलिस टीम ने कार रोक ली। इस दौरान कार सवार युवकों से नैनीताल पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि चारों युवक घूमने आये थे और उन्होंने रजिस्ट्रेशन भी नही करवाया था और न ही उनके पास कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट थी।

एसओ विजय मेहता ने बताया कि चारों युवक बिना किसी कोविड जांच और स्मार्ट सिटी पोर्टल में बगैर रजिस्ट्रेशन के नैनीताल घूमने पहुंचे गए। जिसके बाद पुलिस ने कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर नोएडा गौतमबुध नगर निवासी वैभव सक्सेना, सुहेल, पीयूष कुमार और रामफूल के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। साथ ही उनकी कार को भी सीज कर दिया है।

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